पृथ्वी को बचाने के लिए पौधरोपण करना जरूरी

जनमंच टुडे/पौड़ी।
उत्तराखण्ड के लोकपर्व ‘हरेला‘ के अवसर पर आज जनपद में वृहद पौधरोपण कर हरेला पर्व मनाया गया। इस मौके पर जनपद मुख्यालय स्थित कण्डोलिया वन पंचायत भूमि पर क्षेत्रीय विधायक मुकेश सिंह कोली की अध्यक्षता में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के फलदार एवं वनीय पौधे लगाये गये। आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक कोली द्वारा पीपल के पौधे का, अध्यक्षा जिला पंचायत पौड़ी शांति देवी द्वारा काफल, जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे द्वारा अखरोट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल पी. रेणुका देवी द्वारा एवं नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम द्वारा आडू़, डीएफओ गढ़वाल मुकेश कुमार ने काफल का पौधा लगाया ।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक कोली ने कहा कि पृथ्वी पर से धीरे-धीरे जंगल कम होते जा रहे हैं और जंगलों का कटान बहुत तेजी से हो रहा है। इसका असर कोविड-19 संक्रमण के दौरान भी देखने को मिला है कि किस प्रकार केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन पर काम करना पड़ा। कहा कि भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए भावी पीड़ियों को ऑक्सीजन, पानी एवं अन्य किसी प्रकार की दिक्कते न हो, यह सोचकर आज वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाना अति आवश्यक है। कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा बरगद, पीपल, फलदार एवं तमाम तरह की प्रजाति के पौधे लगाये गये, किन्तु आज उनमें से कई प्रजाजियां विलुप्त हो गई। कहा कि बहुत जरूरी है कि प्रकृति में एक संतुलन बना रहे और इसके लिए जंगल का हरा-भरा करना, जंगलों को आग से बचना एवं वनीकरण किया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने कहा कि हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के विभिन्न विकास खण्डों में पौधरोपण कार्यक्रम किया गया है। मुख्यालय स्तर पर वन विभाग के माध्यम से लगभग 20 हजार पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। कहा कि वनीयकरण के साथ-साथ उद्यान विभाग द्वारा भी इस माह में 03 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे विकास खण्ड स्तर पर किया जा रहा है। कहा कि इस वर्ष प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक पौधों का रोपण करें, साथ ही उनकी रक्षा हेतु ट्री गाड लगाने के लिए भी विकास खण्डों को निर्देशित किया गया है। कहा कि पौधरोपण स्थलों के निरीक्षण एवं संरक्षण हेतु विभिन्न अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई जायेगी।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी एस एस राणा, मुख्य कृषि अधिकारी डी.एस. राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी नरेन्द्र कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।