11 को खुलेंगे मदमहेश्वर के कपाट
ऊखीमठ । पंच केदारो में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मदमहेश्वर व तृतीय केदार भगवान तुगनाथ के कपाट खोलने की तिथियाँ शीतकालीन गद्दी स्थलों में पंचाग गणना के अनुसार वैसाखी पर्व पर पौराणिक परम्पराओं व रीति- रिवाज के साथ सादगी से घोषित कर दी गई है। दोनों धामों के कपाट खोलने की तिथि घोषित होते समय लाॅक डाऊन के नियमों का सख्ती से पालन किया गया! दोपहर बाद भगवान बूढा मदमहेश्वर के पुष्पक विमान ने सादगी से ओकारेश्वर मन्दिर की परिक्रमा की। पंच केदारो में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मदमहेश्वर के शीतकालीन गद्दी स्थल स्थल ओकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ में वैसाखी पर्व पर घोषित तिथि के अनुसार भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां 7 मई को शीतकालीन गद्दी स्थल के गर्भगृह से सभा मण्डप लाई जायेगी तथा 8 मई को पुणखी मेले का आयोजन कर भगवान मदमहेश्वर को नये अनाज का भोग अर्पित किया जायेगा, 9 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों को डोली में विराजमान कर भगवान मदमहेश्वर की डोली का विशेष श्रृंगार किया जायेगा तथा भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ से कैलाश के लिए रवाना होकर डगवाडी,ब्रह्मामणखोली, मंगोलचारी, सलामी, फापज,मनसूना,बुरुवा,राऊलैक, उनियाणा यात्रा पडावो पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मन्दिर रासी पहुचेगी।10 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली रासी से प्रस्थान कर अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गाँव पहुंचेगी! 11 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गौण्डार गाँव से रवाना होकर बनातोली,खटारा, नानौ,मैखम्भा, कूनचट्टी यात्रा पडावो पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए अपनी धाम पहुचेगी तथा डोली के कैलाश पहुंचने पर दोपहर 12 बजे सिंह लगन में भगवान मदमहेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगे। वही दूसरी ओर पंच केदारो में तृतीय केदार के नाम से विख्यात भगवान तुगनाथ के कपाट खोलने की तिथि भी वैसाखी पर्व पर शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कडेय तीर्थ मक्कूमठ में हक-हकूधारियो की मौजूदगी में सादगी के साथ घोषित कर दी गयी है! 18 मई को भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कडेय तीर्थ मक्कूमठ से रवाना होकर रात्रि प्रवास के लिए गाँव के मध्य भूतनाथ मन्दिर पहुचेगी जहाँ पर ग्रमीणो द्वारा नये अनाज का भोग लगाकर आगामी यात्रा के निर्विघ्न समपन्न होने की कामना की जायेगी । 19 मई को भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भूतनाथ मन्दिर से रवाना होकर पावजगपुणा, चिलियाखोड, बनिया कुण्ड यात्रा पडावो पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहंचेगी। 20 मई को भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली चोपता से रवाना होकर सुरम्य मखमली बुग्यालों में नृत्य करते हुए अपने धाम पहंचेगी तथा डोली के धाम पहुंचने पर 11: 30 बजे कर्क लगन में भगवान तुगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगे। इस मौके पर शिव शंकर लिंग, यशोधर मैठाणी, राजकुमार नौटियाल, यदुवीर पुष्वाण मौजूद थे!
लक्ष्मण सिंह नेगी
वरिष्ठ पत्रकार, ऊखीमठ