प्रेमिका के साथ मिलकर कर दी दूसरी पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या

जनमंच टुडे/ देहरादून।

देहरादून पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए  युवक और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया है।  हत्याकांड की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि कपड़ों की दुकान चलाने वाले एक शादीशुदा तीन बच्चों के पिता ने पहली पत्नी को छोड़ कर दूसरी शादी कर ली।  दूसरी बीबी की परिचित युवती से जान पहचान होने के बाद शख्स ने प्रेमिका के साथ मिलकर अपनी बीवी को ठिकाने लगा दिया। इसके बाद राज खुलने  के भय से दूसरी बीवी के प्रेमी को भी  प्रेमिका के साथ मिलकर मार डाला। जानकारी के अनुसार मुशीर अली(32) पुत्र रहमत अली निवासी ग्राम मूढा सवामामपुर पोस्ट व थाना गोला जिला लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश की सहसपुर क्षेत्र में कपड़े की दुकान थी। उसकी दुकान पर बबली बानो पुत्री ईनाम अली निवासी मोहल्ला बेगम बाग जनपद लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश उसकी दुकान पर आया करती थी , इसी दौरान दोनों में  प्रेमप्रसंग हो गया जिसके बाद उसने  बबली से शादी कर ली । इसी दौरान बबली बानो के अरमान(18)  पुत्र मुन्नू   मूल निवासी ग्राम अम्हेडा थाना हलदौर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश  जो कि प्रेशर कुकर और गैस ठीक करने का काम करता था से  प्रेमप्रसंग हो गए। इस बात का पता चलने पर मुशीर ने बबली बानो को  बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद बबली बानो और मुशीर अली में तकरार होने लगी। पहली पत्नी के मायके जाने के बाद मुशीर ने सहसपुर का कमरा खाली कर दिया और बबली बानो के साथ  टर्नर रोड के मुस्लिम बस्ती में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। इसी बीच बबली की एक परिचित बिंदाल पुल निवासी युवती उससे मिलने उसके कमरे पर आने लगी। तो मुशीर और उस युवती में प्रेमप्रसंग हो गया ।इसके बाद मुशीर की जिंदगी में तीसरी स्त्री ने इंट्री ले ली। इसके बाद उसने बबली को ठिकाने लगाने का इरादा बना लिया और किरण साहनी के साथ मिलकर  20 दिन पहले उसको मौत के घाट उतार दिया और उसके शव को  टवेरा गाड़ी में डालकर पिरान कलियार रोड  किनारे झाड़ियों में फेंक दिया और दोनों वापस देहरादून आ गए। उसके बाद अरमान मुशीर से सम्पर्क करने की कोशिश कर रहा था। अरमान की बबली बानो के चलते किरण साहनी से भी जान पहचान थी। वह उसे भी फोन कर रहा था। इसके बाद भेद खुलने के भय से  दोनों ने इसे भी ठिकाने लगाने का निर्णय ले लिया। आरोपित ने पुलिस को बताया की संयोग से दो दिसंबर को अरमान ने मुझे फोन किया और मिलने के लिए कहा। मैंने किरण से बात की और अरमान को भी रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। उसके बाद अरमान को देहरादून बुला लिया,वह करीब  2 बजे दोपहर को टर्नर रोड कमरे में आया। प्लान के मुताबिक मैंने उसे किरण के साथ बात करने के लिए छोड़ दिया और  बाहर चला गया। उसके कुछ समय बाद मैं कमरे के अंदर गया और  ईंट से उसके सर पर प्रहार कर दिया तो वह फर पर गिर गया। उसके बाद किरण के सहयोग से चादर से उसका गला घोंट दिया और प्लास्टिक के कट्टे में डालकर  दिन में ही  टवेरा गाड़ी में रखकर नेपाली फार्म तिराहा होते हुए पुराने पुल के नीचे फेंक दिया और दोनों वापस आ गए। अरमान के वापस सेलाकुई न पहुँचने पर अरमान के मामा ने उसकी गुमसुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी जिसके बाद पुलिस उसकी तफ्तीश करने में जुटी हुई थी। जिसके बाद डबल मर्डर का राजखुला।

 

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