अब नैनी झील की शोभा बढ़ाएंगे महाशीर
जनमंच टुडे/ नैनीताल। नैनी झील में आज शीतजलीय मत्स्यकी अनुसंधान निदेशालय और जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल और शीतजलीय मत्स्यकी अनुसंधान निदेशालय के निदेशक पीके पांडे ने मल्लीताल बोट हाउस क्लब से एंगलिंग और स्पोर्ट्स फिश के नाम से मशहूर महाशीर मछली के 6000 बीज डाले गए। बताया गया कि नैनी झील की गुणवत्ता परखने के लिए पूर्व में डाली गई महाशीर मछलियों के यहां के पनपने के बाद जिला प्रशासन ने आज महाशीर संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के अंतर्गत यह पहल की।उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिला प्रशासन ने नैनी झील में इसके जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर करने हुए पंतनगर विश्वविद्यालय के मत्स्य विभाग के साथ मिलकर जलीय पारिस्थितिकीय तंत्र के लिए लाभदायक ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प और महाशीर के एक लाख साठ हजार बीज डाले थे, जबकि गंबूशिया, पुंटियस और बिग हैड जैसी हानिकारक मछलियों को निकाला था। बताया गया कि झील में मत्स्य आखेट एवं ‘एंगलिंग’ के खेल की संभावनाओं के लिए भी प्रयास किये जाएंगे।शीतजलीय मत्स्यकी अनुसंधान निदेशालय के निदेशक ने बताया कि कॉमन कार्प प्रजातियों की मछलियों से झील को नुकसान हो सकता है। नैनी झील में वर्तमान में 67 प्रतिशत मछलियों को झील के भविष्य को देखते हुए तत्काल निकालने की आवश्यकता है। इस पर डीएम गर्ब्याल ने कहा कि कॉमन कार्प मछलियों को सीमित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। जनपद की अन्य झीलों में भी चरणबद्व रूप से महाशीर मछलियों को डाला जायेगा।