शीतकाल के लिए शुक्रवार से बन्द होंगे मदमहेश्वर के कपाट

लक्ष्मण सिंह नेगी।

जनमंच टुडे। ऊखीमठ द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट शुक्रवार को शुभ लग्नानुसार  शीतकाल के लिए विधि – विधान से बन्द कर दिये जाएंगे। कपाट बन्द होने की सभी तैयारियां पूरी कर ली है गई है। वही भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश से ऊखीमठ आगमन पर ऊखीमठ व मनसूना में होने वाले मेलों की तैयारियां जोरों पर हैं। मन्दिर के कार्यधिकारी आर सी तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को भगवान मदमहेश्वर के कपाट शुभ लगनानुसार शीतकाल के लिए वेद ऋचाओं के साथ बन्द कर दिये जाएंगे। कपाट बन्द होने के बाद भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली कैलाश से रवाना होगी और विभिन्न यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गांव पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि 19 नवम्बर को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गौण्डार गांव से रवाना होगी। रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मन्दिर रासी पहुंचेगी। 20 नवम्बर को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मन्दिर रासी से रवाना होकर अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए गिरीया गांव पहुंचेगी तथा 21 नवम्बर को गिरीया गांव से रवाना होकर शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में विराजमान होगी तथा 22 नवम्बर से भगवान मदमहेश्वर की शीतकालीन पूजा ओकारेश्वर मन्दिर में विधिवत शुरू होगी।  उत्सव डोली के मनसूना आगमन पर मनसूना में कल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है । जानकारी देते हुए जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने बताया कि भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश से ऊखीमठ आगमन पर मनसूना में कल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। मेले में स्थानीय व उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध कलाकार धार्मिक भजनों की प्रस्तुति देंगे।  उधर भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के ऊखीमठ आगमन पर जी आई सी के खेल मैदान में 20 नवम्बर से 22 नवम्बर तक लगने वाले त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले की तैयारियां भी जोरों पर है। मेला सचिव प्रकाश रावत ने बताया कि मेला समिति द्वारा मेले को भव्य रूप देने की सामूहिक पहल की जा रही है तथा त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले की तैयारियां जोरों पर है।

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