100 कर्मचारियों को हटाया

जनमंच टुडे। देहरादून। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में संविदा, आउटसोर्स और अन्य माध्यमों से कार्यरत 100 से अधिक कर्मचारियों को विभाग ने हटा दिया है। इससे कर्मचारियों के सामने रोजी,रोटी का संकट पैदा हो गया है। जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि विभाग कार्यरत कर्मचारियों की 30 नवंबर 2022 तक ही स्वीकृति मान्य होगी। इस तिथि के बाद इनकी सेवाएं नहीं ली जाएगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में संविदा, आउटसोर्स और अन्य माध्यमों से कार्यरत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। विभाग के उप निदेशक एसके सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण सुरक्षा व बचाव के लिए अंब्रेला मिशन शक्ति की शुरुआत की गई है। केंद्र ने इस संबंध में नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की पहले से चलाई जा रही वन स्टॉप सेंटर, राष्ट्रीय महिला हैल्पलाइन, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, कामकाजी महिला छात्रावास, प्रधानमंत्री वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए मानव संसाधन आउटसोर्स, संविदा एवं अन्य माध्यम से इन योजनाओं में जो कर्मचारी कार्यरत हैं उनकी सेवा 30 नवंबर 2022 तक ही मान्य होगी। इनकी इस तिथि के बाद उनकी सेवाएं नहीं ली जाएगी। उधर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग से हटाए गए कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आउटसोर्स कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह सब किया गया है और साजिश के तहत उन्हें हटाया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इस तरह के कोई निर्देश नहीं हैं।