जालसाजी मामले में पार्षद और ठेकेदार गिरफ्तार

जनमंच टुडे। कोटद्वार। कोटद्वार पुलिस ने साजिश रचकर सरकारी धन को हड़पने का आरोप में नामित पार्षद और महिला ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में संलिप्त नगर निगम का अकाउंट फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसके तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार कोटद्वार नगर निगम में फर्जी दस्तावेज बनाकर नगर निगम कर्मचारी, महिला ठेकेदार और वार्ड पार्षद मिलीभगत से निगम का लाखों रुपए हड़पने वाले पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को नगर आयुक्त, किशन सिंह नेगी ने इस वित्तीय घपले को पकड़ा था और कोतवाली कोटद्वार में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि निगम कोटद्वार से वर्ष 2017-18 में 23 लाख 89 हजार 584 रुपये की धनराशि काम करने वाले ठेकेदारों के बैंक खातों में भुगतान किया गया था। जिसके बावजूद नगर निगम के खंजाची पंकज सिंह रावत ने हेरफेर कर एक बार फिर वर्ष 2021 में उसी कार्य का दोबारा 17 लाख 73 हजार 886 की धनराशि ठेकेदार सुमिता देवी को दे दिया। इसके बाद कोटद्वार पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में कोटद्वार नगर निगम पार्षद कुलदीप सिंह, पुत्र राजपाल काम्बोज, निवासी विकास नगर गाडीघाट, ठेकेदार सुमिता देवी पत्नी स्व. राजेन्द्र सिंह चौधरी, निवासी बड़थ्वाल कालोनी पदमपुर, कोटद्वार को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मुख्य आरोपित कामरुप नगर, देवीरोड कोटद्वार निवासी पंकज रावत पुलिस के हत्थे नहीं कह पाया। पुलिस के अनुसार वह फरार है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार पार्षद कुलदीप कम्बोज महिला ठेकेदार का सहयोगी है और ठेकेदारी का काम देखता है। फर्जी तरीके से भुगतान लेने में पार्षद की अहम भूमिका बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार नगर निगम के खंजाची और पार्षद कुलदीप ने इस राशि को आपस मे बांट लिया।