एक ऐसा गुलदार जो हमला नहीं करता बल्कि लोगों को है निहारता

हल्द्वानी। देवलचौड़ स्थित मानपुर पश्चिम गांव से लगती ओपन यूनिवर्सिटी की दीवार को एक गुलदार ने पिछले छह महीने से अपना आराम की जगह बना रखा है। कुछ दिन गायब रहा गुलदार अब फिर से दीवार पर बैठने को पहुंच गया। शनिवार शाम पास में रहने वाले एक सिडकुलकर्मी ने उसकी फोटो भी खींची। गुलदार के गांव में मूवमेंट का एक पहलू यह भी है कि उसने अब तक किसी पर हमला नहीं किया और नहीं कभी कोशिश तक की। दीवार पर बैठ वह केवल सड़क पर चलने वाले लोगों को देखता रहता है। मई में देवलचौड़ स्थित पाश कालोनी पालम सिटी में गुलदार ने एंट्री ने लोगों को भय था। उसके बाद गुलदार बगल में सटी केशवकुंज कालोनी में भी आने लगा। जंगल से सटे एक दीवार को उसने अपना परमानेंट अड्डा बना दिया। 12 फीट ऊंची दीवार पर वह कभी आधा तो कभी एक घंटे तक बैठने लगा। सूचना पर हर बार वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचती। तब गुलदार कभी वापस लौट जाता तो कभी उसी जगह पर बैठे रहता। तीन माह पूर्व वन विभाग ने पिंजरा और कैमरा भी लगाया। गुलदार दीवार से उतर कर पिंजरे के पास आया लेनि बकरी के चक्कर लगाने के बाद भी अंदर नहीं घुसा। दीवार के बगल में ही घनी आबादी वाला गांव है लेकिन आज तक गुलदार उस गांव में गया तक नहीं नहीं आज तक तक गुलदार ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। रविवार को भी गुलदार दीवार पर आया और लोगों को निहारता रहा। उसके बाद वह चला गया।