कब परवान चढ़ेगी शीतकालीन यात्रा

ऊखीमठ। पंच केदार में तृतीय केदार के नाम से विख्यात भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल में मक्कूमठ में प्रदेश सरकार, पर्यटन विभाग व देव स्थानम् बोर्ड के आशाओं के अनुरूप शीतकालीन यात्रा परवान नहीं चढ़ पा रही है, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित होने के साथ ही देव स्थानम् बोर्ड की आय में भी वृद्धि नहीं हो पा रही है। यदि प्रदेश सरकार की पहल पर देव स्थानम् बोर्ड शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के प्रयास करता है तो स्थानीय पर्यटन व्यवसाय में बढ़ावा होने के साथ ही देव स्थानम् बोर्ड की आय में वृद्धि हो सकती है। बता दे कि नवम्बर 2016 में पंच केदार में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश से ऊखीमठ आगमन पर लगने वाले त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले में शिकरत करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी ओकारेश्वर मन्दिर में शीतकालीन यात्रा का विधिवत उदघाटन किया था, मगर पांच वर्ष से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी शीतकालीन यात्रा परवान नहीं चढ़ पाई है।
भगवान केदारनाथ व भगवान मदमहेश्वर के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में दोनों धामों के कपाट बन्द होने के बाद श्रद्धालुओं का आवागमन तो होता है मगर भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में आज तक शीतकालीन यात्रा को गति नहीं मिली है। भीरी – परकण्डी – मक्कूमठ – मक्कूबैण्ड मोटर मार्ग पर विगत दो वर्षों से होटलों, ढाबों व टैन्टो का निर्माण होने से क्षेत्र में सैलानियों की आवाजाही में वृद्धि तो हुई है, मगर भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ का व्यापक प्रचार – प्रसार न होने से भीरी – मक्कूमठ से चोपता जाने वाला सैलानी भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल की महिमा से रूबरू नहीं हो पा रहा। कनिष्ठ प्रमुख शैलेंद्र कोटवाल का कहना है कि यदि देव स्थानम् बोर्ड भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ का व्यापक प्रचार – प्रसार करता है तो भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ की महिमा जन – जन तक पहुंचने के बाद शीतकालीन यात्रा परवान चढ़ सकती है। जिला पंचायत सदस्य परकण्डी रीना बिष्ट का कहना है कि यदि भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में शीतकालीन यात्रा परवान चढती है तो क्षेत्र के अन्य तीर्थ स्थलों का चहुंमुखी विकास स्वत: ही हो जायेगा। प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष रावत का कहना है कि यदि देव स्थानम् बोर्ड शीतकालीन यात्रा को गति देने का प्रयास करता है केदार घाटी, कालीमठ घाटी, मदमहेश्वर घाटी व तुंगनाथ घाटी में वर्ष भर तीर्थ यात्रियों के आवागमन से क्षेत्र के आर्थिकी सुढ़ण होने से यहाँ के युवाओं को वर्ष भर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते है।
- लक्ष्मण सिंह नेगी, वरिष्ठ पत्रकार ऊखीमठ।