शहीदों के बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा : राणा

ऊखीमठ । 13 सितम्बर 1965 को भारत पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले रणबांकुरे शहीद  कालीमठ निवासी रामसिंह राणा की स्मृति में उनकी पत्नी अषाढी देवी द्वारा निर्मित राजकीय हाई स्कूल कालीमठ के प्रवेश द्वार का लोकार्पण विधिवत किया।  प्रवेश द्वार के लोकार्पण अवसर पर 6वीं गढ़वाल राइफल्स, 11 मराठा रेजिमेंट, जनप्रतिनिधियों, परिजनों व ग्रामीणों ने भागीदारी की।  प्रवेश द्वार के लोकार्पण अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने कहा कि शहीदों की शहादत को हमेशा स्मरण किया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी कुर्बानी की बदौलत हमें आजादी व पृथक राज्य उत्तराखण्ड की प्राप्ति हुई है।  उन्होंने अमर राम सिंह राणा की कुर्बानी को नमन करते हुए कहा कि जो वीर योद्धा रणभूमि में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद होते हैं, वे वीरगति को प्राप्त करते हैं।

 

उन्होंने अमर शहीद राम सिंह राणा की पत्नी अषाढी देवी के त्याग और तपस्या को नमन करते हुए कहा कि अषाढी देवी जैसी वीरगनाओं के लिए यह माटी हमेशा पूज्यनीय होती है। 6वीं गढ़वाल राइफल्स के नायब सुबेदार जगदीश रावत ने कहा कि अमर शहीद रामसिंह राणा के बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दी है। 11 मराठा रेजिमेंट के सिद्धि पाठक ने कहा कि अमर शहीद राम सिंह राणा सहित देश के सभी अमर शहीदों का स्मरण कर  करना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने अमर शहीद राम सिंह राणा की पत्नी अषाढी देवी , नायब सुबेदार जगदीश रावत, सिद्धि पाठक को शांल ओढकर सम्मानित किया तथा अमर शहीद राम सिंह राणा की पत्नी अषाढी देवी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर प्रधानाचार्य जोत सिंह नेगी, वशीधर गौड़, प्रधान कालीमठ गजपाल राणा, जाल मल्ला त्रिलोक रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश राणा, प्रदीप राणा, प्रकाश राणा, बलवन्त रावत, अब्बल सिंह राणा, शिव सिंह राणा, केशर सिंह पंवार, कैलाश पंवार, दीवान सिंह राणा सहित 6 वी गढ़वाल राइफल्स, 11 मराठा रेजिमेंट के जवान, जनप्रतिनिधि, परिजन व ग्रामीण मौजूद थे।

लक्ष्मण सिंह नेगी, वरिष्ठ पत्रकार ऊखीमठ।

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