बाज और उल्लू करते हैं इस देश में राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा

नई दिल्ली। दुनिया मे महानुभावों की सुरक्षा में सैकड़ों एक से बढ़कर एक सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं, और उनपर  लाखों रुपए खर्च करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि  की महानुभावों की सुरक्षा इंसान नहीं बल्कि पक्षी करते हैं और यह इतने सतर्क होकर सुरक्षा व निगरानी करते हैं कि इनकी  नज़रों से कोई नही बच सकता। जी हां दुनिया में एक देश ऐसा है भी देश है जहां के राष्ट्रपति भवन की निगरानी बाज और उल्लू करते हैं। रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन तथा उसके आसपास मौजूद प्रमुख सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए रक्षा विभाग ने बाज और उल्लुओं की एक टीम बनाई हुई है।इस टीम का गठन 1984 में किया गया था। टीम में अभी 10 से ज्यादा बाज और उल्लू हैं जो सुरक्षा में तैनात हैं। बाजों और उल्लुओं को सुरक्षा के लिहाज से खास ट्रेनिंग दी गई है। दरअसल, कौए अक्सर राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास के इलाके में मल कर देते हैं। इसी कारण इन इमारतों की सुरक्षा के लिए इऩ शिकारी पक्षियोंको लगाया गया है। ये पक्षी संघीय गार्ड सेवा का हिस्सा हैं। क्रेमलिन और उसके आसपास की इमारतों की देखरेख करने वाले पावेल माल्कोव कहते हैं कि सोवियत संघ के शुरुआती दौर में इन इमारतों की सुरक्षा के लिए कौओं को मार गिराने वाले गार्ड रखे गए थे।  इसके साथ ही उन्हें डराने के लिए शिकारी परिदों की आवाज रिकॉर्ड कर उसका इस्तेमाल किया जाता था। राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में तैनात परिंदों की टीम में 20 साल की एक मादा बाज ‘अल्फा’ और ‘फाइल्या’ नाम का उल्लू है।  दोनों इतने तेज है कि कौओं की आवाज सुन कर ही आसमान में मंडराने लगते हैं। पलभर में ही वह कौओं को अपना शिकार बना लेते हैं। जहां दुनिया के हर देश के राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में ट्रेंड कमांडो को लगाया जाता है वहीं रूस में सुुरक्षा के लिए बाज और उल्लू दिखना थोड़ा यूनिक लगता है।

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