विलुप्त की कगार पर गायन की प्राचीन परम्परा

ऊखीमठ। केदारनाथ विधायक मनोज रावत की पहल पर क्यूजा घाटी के प्राथमिक विद्यालय भण्ज में पौराणिक जागरो का प्रशिक्षण / गायन विधिवत शुरू हो गया है, जिसमें स्थानीय महिला मंगल दल व कीर्तन मण्डली बढ़ – चढकर भागीदारी कर रही है! प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पौराणिक शैली के जागरों को जीवित रखने के साथ ही स्थानीय महिला मंगल दलों व कीर्तन मण्डली से जुड़ी महिलाओं को रुबरु करवाना है। पौराणिक जागर प्रशिक्षण / गायन कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए गढ़वाल विश्व विद्यालय के प्रोफेसर डा डी आर पुरोहित ने कहा कि पौराणिक जागरों के गायन की परम्परा प्राचीन काल से रही है, मगर वर्तमान समय में धीरे – धीरे विलुप्त की कगार पर है, इसलिए केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने पौराणिक जागरो को जीवित रखने के लिए प्रशिक्षण रखा है। उन्होंने कहा कि पौराणिक जागरों के गायन में आत्मीयता झलकती है तथा पौराणिक जागरों के माध्यम से तैतीस कोटि देवी – देवताओं का आवाह्न किया जाता है। केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि अभी तो क्यूजा घाटी के सीमित गांवों की महिलाओं को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है, आने वाले समय में इस प्रकार के प्रशिक्षण भव्य किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पौराणिक जागरो के गायन की परम्परा का संरक्षण व संवर्धन अति आवश्यक है। डा संजय पाण्डेय ने कहा कि जब भी पौराणिक जागरो का गायन शुरू होता है तो मन में अपने आप ईश्वरीय शक्ति का उदय होने लगता है। तुंगनाथ घाटी की सारी गाँव निवासी व पौराणिक जागरों के गायन में उत्कृष्ट स्थान रखने वाली रामेश्वरी देवी ने कहा कि पौराणिक जागरों का गायन हमारी प्राचीन परम्परा है जिसको जीवित रखने के लिए सामूहिक पहल होने चाहिए। पौराणिक जागरों प्रशिक्षण / गायन के पहले दिन दुर्लभ सिंह रावत, नन्दन सिंह रावत सहित महिला मंगल दल भणज, मचकण्डी, अखोडी, कोन्था सहित विभिन्न गाँवों की महिला मंगल दल व कीर्तन मण्डली से जुड़ी महिलाओं ने शानदार जागरो, भजनों की प्रस्तुति दी तथा सौरभ मैठाणी द्वारा भी महिलाओं को संगीत की जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर तुंगनाथ धाम प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित, पूर्व प्रधान महेंद्र रावत, कुलदीप नेगी, देवेन्द्र नेगी, भजन सिंह रावत, जसपाल सिंह नेगी, ममद अध्यक्ष सरोजनी देवी, उमा देवी, देवी लाल भारती, धर्म सिंह नेगी, गौरव कठैत, आशा देवी, जगदीश रावत सहित विभिन्न गावों की महिलायें मौजूद थी।
लक्ष्मण सिंह नेगी, वरिष्ठ पत्रकार ऊखीमठ।