कमलनाथ का राज्यपाल को जवाब
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की सियासी लड़ाई का नज़ारा भोपाल से लेकर बेंगलुरु और सुप्रीम कोर्ट में दिखाई पड़ रहा हैं राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 17 मार्च तक बहुमत साबित करने कहा गया, अब कमलनाथ ने राज्यपाल को जवाब दिया है और कहा है कि बेंगलुरु में बंदी बनाए गए विधायकों को पहले रिहा होने दीजिए और कुछ दिन ताज़ी हवा में सांस लेने दीजिए, ताकि वे स्वतंत्र मन से फैसला ले सकेंं इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट में डाली गई याचिका का भी जिक्र कियां राज्यपाल लालजी टंडन को लिखी चिट्ठी में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि अपने 40 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने मर्यादा का पालन किया है, लेकिन आपके द्वारा लगाए गए आरोप से वह दुखी हैं। कमलनाथ ने सदन की कार्यवाही को 26 मार्च तक स्थगित होने के पीछे कोरोना वायरस के कहर को मुख्य कारण बताया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आज फ्लोर टेस्ट ना बुलाए जाने पर बहुमत नहीं होने की बात लिखना असंवैधानिक है।