भक्ति वही श्रेष्ठ है जिसमें स्वार्थ न हो : लवदास महाराज

जनमंच/टुडे। टिहरी/नैनबाग।

टिहरी गढ़वाल के जौनपुर के अंतर्गत सिया केम्पटी भद्रकाली मठ में सात दिवसीय भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा से पूर्व  जलकलश यात्रा निकाली गई। कथा वाचन करते हुए संत लवदास महाराज ने कहा की भागवत महापुराण की ऐसी महिमा है की इसका श्रवण करने से परमात्मा स्वयं हमारी ओर खिंचे चले आते हैं। मनुष्य का परम धर्म ईश्वर की भक्ति करना है। उन्होंने कहा कि भक्ति वही श्रेष्ठ है जिनमे कोई स्वार्थ न हो, जिसमे कोई चाह न हो, कृष्ण प्रेम ही मुक्ति का स्रोत है। संत लवदास महाराज ने कहा कि कथा सुनने से मृत्यु का भय समाप्त होता है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है । उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन में ज्ञान कथा समाज में जन जागरूकता के साथ ही जीवन को धर्म से जीना सिखाती है । उन्होंने कहा कि कथा व सत्संग सुनने से मनुष्य के जीवन में उन्नति का मार्ग खुलता है ।
                                        नैनबाग से शिवांश कुंवर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed