किचन का बजट बिगड़ा, सरसों और रिफांइड तेल के दाम बढ़े
जनमंच टुडे/देहरादून।
यूक्रेन संकट के चलते हमारे देश के आम लोगों पर भी इसका असर पड़ रहा है। यूक्रेन संकट के चलते क्रूड ऑयल, रोजमर्रा की कुछ वस्तुओं के साथ इसका असर अब किचन पर भी दिखने लगा है। दरअसल यूक्रेन पर रूस के हमले और त्योहारी सीजन में डिमांड बढ़ने के चलते एक बार फिर खाने का तेल के दाम आसमान पर पहुँचने लगे हैं।
एक बार फिर खाने के तेल के दाम में भारी वृद्धि होने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। तेल के दामों में वृद्धि के लिए व्यापारी यूक्रेन, रुस युद्व को जिम्मेदार मान रहे हैं। युद्ध के चलते एक हफ्ते में तेल की कीमतों में 15 से 20 रुपये प्रति किलो की उछाल आया गई है। जानकारों की माने तो तेल की कीमतअभी और बढ़ सकती है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर दून के बाजार में भी दिख रहा है। सूरजमुखी के तेल का आयात घटने से अन्य खाद्य तेलों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। सोयाबीन और सरसों की खपत बढ़ने से इनके दाम में 20 रुपये प्रति किलो तक की उछाल आया गई है। बाहरी देशों से अहमदाबाद में खाद्य तेल पहुंचता है, साथ ही नेपाल से भी रिफाइड तेल की आपूर्ति देहरादून में होती है। भारत में सूरजमुखी का तेल यूक्रेन और रूस से आयात किया जाता है। युद्ध के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, ऐसे में सोयाबीन रिफाइंड की डिमांड बढ़ गई है। तेल की उपलब्धता कम होने के कारण दाम बढ़ गए हैं।
