कोटद्वार में अतिक्रमण पर गरजीं जेसीबी
जनमंच टुडे/कोटद्वार। लंबे अंतराल के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम और प्रशासन ने कोटद्वार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन के सामने अतिक्रमणकारियों की एक नहीं चली और प्रशासन ने अतिक्रमण को ढहा दिया। शांति व्यवस्था बनाने के लिए जनपद के विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी बुलाया गया था। गौरतलब है कि 18 नवंबर 2020 को हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही नगर निगम की नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। उसके बाद निगम प्रशासन ने नजीबाबाद चौक से मालवीय उद्यान तक अतिक्रमण चिह्नित किया था, और दिसंबर 2020 में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन इस पर कुछ भवन स्वामियों ने पक्ष सुने बिना ही निर्णय देने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय की शरण ली थी, इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय को दूसरे पक्ष की बात सुनने के निर्देश दिये थे। पक्ष सुनने के बाद निगम ने उन्हें नोटिस जारी किया था, और उन्हें अतिक्रमण हटाने का समय दिया था, इसके बाद व्यापारी एक बार फिर उच्च न्यायालय पहुंचे, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। याचिका खारिज होने के बाद नगर निगम ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती का आग्रह किया था। जिस पर जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने कोटद्वार व लैंसडौन के उप जिलाधिकारियों को बतौर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था।
