महिलाओं को दी अधिकारों की जानकारी
जनमंच टुडे। विकासनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश पर रविवार को विकासनगर में Laws, Rights and Entitlement of Women at grass root level विषय पर महिला विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर अपर सिविल अवंतिका सिंह चौधरी ने महिलाओं को “घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम के तहत महिलाओं के विभिन्न अधिकारों की जानकारी दी, साथ ही महिलाओं को उत्तराधिकार के के अधिकारों से रु ब रु कराया। तहसीलदार चमन सिंह ने महिलाओं को राजस्व विभाग की जनसामान्य के हित की योजनाओं की जानकारी के साथ ही राजस्व वसूली के दौरान महिलाओं के अधिकारों की भी जानकारी दी। वहीं जिला प्रोबेशन कार्यालय, देहरादून की प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद रश्मि बिष्ट ने किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल-कल्याण समिति एवं बाल विकास विभाग की महिलाओं से सम्बंधित योजनाओं के बारे में बताया। समाज कल्याण विभाग की प्रतिनिधि पूजा पाल ने समाज कल्याण विभाग की महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पुलिस उपनिरीक्षक आर एन व्यास ने पुलिस थाने की प्रक्रिया एवं महिला हैल्पलाइन के सम्बंध में जानकारी दी।कार्यक्रम में लता राणा, विद्वान नामिका ने बताया कि अगर कोई महिला न्याय से वंचित होती है तो वह न्याय के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नामित पैनल अधिवक्ताओं की सहायता से न्यायालय में वाद दायर कर न्याय प्राप्त कर सकती है। उन्होंने इसके साथ ही महिलाओं को पोक्सो , परिवार न्यायालय की प्रक्रिया एवं घरेलू हिंसा के सम्बंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में लता राणा ने कहा की यदि किसी भी महिला, व्यक्ति को अपनी समस्या के निवारण के लिए विधिक सहायता की आवश्यकता हो या फिर उनकी पेंशन, राशनकार्ड, मृत्यु प्रमाण-पत्र आदि को बनाने में समस्या हो रही तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के दूरभाष नम्बर 0135-2520873 एवं ई०मेल-disa deh-uk@nic.in पर सम्पर्क कर निशुल्क जानकारी ले सकती हैं। इस मौके पर सिविल जज हर्ष यादव ने भी कानून की जानकारियों से महिलाओं को अवगत कराया।उन्होंने महिला हिसा पर उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों दण्ड प्रक्रिया संहिता, महिलाओं के अधिकार, बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधान, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियमआदि की जानकारियां दीं।
