चौमासी में लगा ग्राम चौपाल, डीएम ने सुनी समस्याएं
लक्ष्मण सिंह नेगी।
जनमंच टुडे।ऊखीमठ। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के समाधान करने और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सुशासन सप्ताह के अंतर्गत सरकार द्वारा संचालित प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में शनिवार को विकास खंड ऊखीमठ में कालीमठ घाटी के अंतिम ग्राम पंचायत चौमासी में ग्राम चौपाल कार्यक्रम में
क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना । इस दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया जबकि शेष शिकायतों के निस्तारण को संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
ग्राम चौपाल कार्यक्रम में चौमासी के प्रधान मुलायम सिंह ने ग्राम पंचायत चौमासी से रामबाड़ा सड़क मार्ग निर्माण के लिए संयुक्त निरीक्षण करने, प्राथमिक विद्यालय में एकल अध्यापक होने, चौमासी-चिलोंड सरस्वती नदी पर पुलिया निर्माण करने तथा चौपाल में बन रहे पर्यटन सूचना केंद्र के निर्माण में धन का अभाव होने की समस्याएं रखी। कोटमा की प्रधान आशा देवी ने ग्राम पंचायत कोटमा में राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा खोलने तथा छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत प्राथमिक विद्यालय कोटमा में सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की तथा ग्रामीणों द्वारा गांव में जंगली जानवरों का आतंक होने पर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की गई। चिलौंड के प्रधान मोहन सिंह राणा ने कालीमठ घाटी के गांवों में वन पंचायतों का गठन करने की मांग प्रमुखता से उठाई। कहा कि ग्रामीणों को कटान, चुगान और छपान की अनुमति मिलनी चाहिए, ये उनके मूल अधिकार हैं। जाल मल्ला के प्रधान त्रिलोक सिंह ने क्षेत्र में पानी की समस्या का निदान करने की मांग की। कहा कि जल जीवन मिशन के तहत काम तो हुए लेकिन अधूरे, पुराने कनेक्शन से ही नल जोड़ दिए गए हैं जबकि नए कनेक्शन के हिसाब से पानी की आपूर्ति भी बढ़ानी चाहिए थी। जितार सिंह ने कोरोना काल से विद्यालय व मुक्त राशन का किराया भाड़ा नहीं मिलने की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया। ग्रामीणों ने चौपाल के दौरान प्रसव केंद्र एवं पशु केंद्र खोलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। साथ ही गौरा कन्या धन योजना का लाभ समय पर न मिलने और रोजगार के उचित अवसर प्रदान करवाने के लिए अधिकारियों की ओर से विशेष प्रयास न करने का मुद्दा भी उठाया। जिलाधिकारी ने बताया कि चर्चा में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी समस्याएं प्राप्त हुई हैं जिनमें धनराशि की आवश्यकता होगी ऐसे प्रस्तावों पर जनपद स्तर तथा आवश्यकता होने पर शासन से धनराशि की मांग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर श्री केदारघाटी अथवा रामबाड़ा, सोनप्रयाग आदि से जोड़ने की मांग पर भी वार्ता की गई। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन पर्यटन सूचना केंद्र करते हुए केंद्र को पहाड़ी शैली में तैयार करने के निर्देश दिए साथ सड़क मार्ग एवं प्रतीक्षालय का निरीक्षण भी किया। चौपाल के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। स्थानीय लोगों की मांग पर जिलाधिकारी ने कालीमठ में शिक्षा विभाग की बिल्डिंग पर पटवारी चौकी संचालित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेन्द्र वर्मा, खंड विकास अधिकारी दिनेश प्रसाद मैठाणी, वन क्षेत्र अधिकारी पंकज ध्यानी, पूर्व प्रधान नंदन सिंह, वैयक्तिक सहायक सौरभ असवाल, जिला सूचना अधिकारी रति लाल शाह समेत अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।
