सरकार से खफा ग्राम प्रधानों का प्रदर्शन
- लक्ष्मण सिंह नेगी।
जनमंच टुडे। ऊखीमठ। प्रदेश संगठन के आह्वान पर प्रधान संगठन ने 23 सूत्रीय मांगों को लेकर केन्द्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर विकासखण्ड मुख्यालय पर तालाबंदी किया। प्रधान संगठन ने खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर 23 सूत्री मांगों पर अमल न होने पर भविष्य में आन्दोलन को गति देने चेतावनी दी गयी। प्रधान संगठन के पदाधिकारी व विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान आज विकासखण्ड मुख्यालय में एकत्रित हुए और केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर विकासखण्ड मुख्यालय के सभी कार्यालयों में तालाबंदी कर गुस्से का इजहार किया। इस दौरान आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष रावत ने कहा कि संगठन अपने 23 सूत्री मांगों के निराकरण के लिए आन्दोलन कर रहा है, मगर केन्द्र व प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों की जायज मांगों पर अमल नहीं कर रही है।
प्रधान संगठन संरक्षक सन्दीप पुष्वाण ने कहा कि प्रधान संगठन 73 वें संविधान संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करने , केन्द्र सरकार और सभी राज्य सरकार पंचायत आयोग का गठन करने तथा मनरेगा में हुए विकास कार्यों का भुगतान तीन माह में किये जाने सहित विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग कर रहा है मगर हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। प्रधान पाली सरूणा प्रेमलता पन्त ने कहा कि संगठन द्वारा ग्राम प्रधान का मानदेय की जगह मासिक पगार 20 हजार केन्द्र व राज्य सयुक्त पालिसी से दिये जाने की मांग को भी अनसूया किया जा रहा है। प्रधान कोटमा आशा सती ने कहा कि ई- टेंडरिंग को दूर करके दस लाख के विकास काम करने के लिए तीन कोटेसन की स्वीकृति पंचायतों को देने की मांग लम्बे समय से की जा रही है। अन्त में ग्राम प्रधानों ने खण्ड विकास अधिकारी दिनेश चन्द्र मैठाणी के माध्यम से केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर 23 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र अमल न होने पर भविष्य में उग्र आन्दोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर प्रधान ब्यूग सुनीता जोशी, स्यासू राकेश रावत, मैखण्डा चांदनी देवी, खडिया पूनम देवी, फापज पुष्पा देवी, रविग्राम पिंकी देवी, जग्गी बगवान प्रदीप राणा, खुमेरा अनीता देवी, मनसूना देवेन्द्र पंवार, चौमासी मुलायम सिंह तिन्दोरी, गैड़ राजेश्वरी देवी, करोखी पिंकी देवी, बेड़ा दिव्या राणा, नाला कल्पेश्वरी देवी सहित विभिन्न गांवों के प्रधान मौजूद थे।
