लापरवाह कर्मचारियों- अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
जनमंच टुडे। देहरादून। जिलों त्रिस्तरीय पंचायतें स्वच्छता को लेकर गंभीर नहीं है। तमाम स्तरों पर लापरवाही बरती जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए सभी पंचायतों में स्वच्छता के लिए उपलब्ध कराए गए धन के सापेक्ष क्या-क्या काम किए गए हैं, हर 15 दिन के अंतराल में इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा लापरवाह कर्मचारियों- अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में अपर सचिव ओमकार सिंह की ओर से ओदश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारियों को संबोधित इस आदेश में इसमें कहा गया है कि देखने में आया है कि त्रिस्तरीय पंचायतें स्वच्छता संबंधित में कार्यों में उदासीनता दिखा रही हैं। स्वच्छता संबंधी कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही है। ऐसी पंचायतों के विरुद्ध उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम की धारा-138 के तहत कार्रवाई की जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत दी गई धनराशि का उपयोग भी समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा स्वच्छता के लिए उठाए गए उपायों की प्रगति भी प्राप्त नहीं हो रही है। इस संबंध अब हर 15 दिन में रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बताते चलें कि प्रदेश में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट एवं कचरा प्रबंधन के संबंध में शासन की ओर से पूर्व पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन के संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई हैं, लेकिन पंचायतों की हीलाहवाली के चलते इनका पालन नहीं हो पा रहा है।
