डीलर को देनी होगी अब पुराने वाहन लेने और बेचने की जानकारी
जनमंच टुडे। देहरादून। देशभर बम पिछले कुछ समय में नई कारों की बढ़ती कीमतों और लंबे वेटिंग पीरियड के कारण पुराने वाहनों के बाजार में काफी तेजी आ रही है। हर शहर में पुरानी बाइक-स्कूटी व कार का बाजार लगातार फल, फूल रहा है। इसके बाद अब मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक कार बाजार सज रहे हैं। देश के बढ़ते यूज्ड कार और बाइक के बाजार के लिए एक रेगुलेटरी इकोसिस्टम बनाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1989 में बदलाव किया गया है, जिसके तहत कई ऐसे नये नियम बनाए गए हैं। नए नियमों के अनुसार एक डीलर की प्रामाणिकता तय करने के लिए पहले से रजिस्टर्ड वाहन डीलरों के लिए एक नया अथारिटी सर्टिफिकेट जारी किया गया है। इसके तहत अब वाहन डीलरों को अपने कब्जे वाले वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र का नवीकरण कराने, फिटनेस प्रमाण-पत्र के नवीकरण, डुप्लीकेट पंजीयन प्रमाण-पत्र बनाने, एनओसी व स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए आवेदन के अधिकार दिए गए हैं। वाहन स्वामी को संबंधित डीलर को वाहन देने के बाद फार्म-29 (ग) जिसमें वाहन स्वामी व डीलर के हस्ताक्षर होंगे, को यह फार्म पोर्टल के माध्यम से वाहन पंजीयन अधिकारी को भेजना होगा। वाहन लेने और बेचने के बाद डीलर को इसकी जानकारी परिवहन विभाग को देनी होगी। उत्तराखंड परिवहन विभाग ने भी पुराने वाहनों (दुपहिया, कार या अन्य वाहनों) की खरीद व बिक्री करने वाले कारोबारियों का आरटीओ कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब प्राधिकार प्रमाण-पत्र हासिल किए बिना भी वाहन बेचने वाले कारोबारी पुराने वाहनों का व्यापार नहीं कर सकेंगे। आरटीओ (प्रशासन) ने सभी वाहन डीलरों को पंजीकरण कराने के लिए एक महीने का समय दिया है। उसके बाद एक सितंबर से अभियान चलाकर बीना पंजीकरण के वाहन बेचने वाले डीलर के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ ही परिसर में खड़े सभी पुराने वाहनों के नंबर को आरटीओ कार्यालय के साफ्टवेयर में ब्लैक-लिस्ट कर दिए जाएंगे। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 22 दिसंबर-2022 को इसकी अधिसूचना जारी की गई थी। जिसमें राज्यों को इसे अपने स्तर पर लागू करने को कहा गया था। उत्तराखंड परिवहन मुख्यालय ने भी 30 दिसंबर को सभी आरटीओ को पत्र भेजकर इसका अनुपालन कराने के आदेश दिए थे, लेकिन यह नियम निर्धारित समय सीमा पर लागू नहीं हो पाया। अब मुख्यालय के आदेश पर देहरादून आरटीओ सुनील शर्मा ने देहरादून शहर समेत दून संभाग के सभी शहर ऋषिकेश, विकासनगर, हरिद्वार, रुड़की, टिहरी व उत्तरकाशी के एआरटीओ को इसका अनुपालन कराने के आदेश दिए हैं।
