खतरे की जद में ग्रामीणों के ‘आशियानें’
- लक्ष्मण सिंह नेगी।
जनमंच टुडे। ऊखीमठ। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। मन्दाकिनी नदी सहित सहायक नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसें ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी हुई है। रूद्रप्रयाग – गौरीकुण्ड नेशनल हाईवे सहित लिंक मोटर मार्गों पर जगह – जगह भूस्खलन होने से मोटर मार्गों पर सफर करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मदमहेश्वर घाटी व कालीमठ घाटी में कई जगह भूस्खलन होने से कई घरों को खतरा बना हुआ है जिससे ग्रामीणों पर कभी भी प्रकृति आ कहर बरस सकता है। तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मूसलाधार बारिश से पूरे बरसात के समय में लगभग 24 आवासीय भवनों को आंशिक व एक आवासीय भवन को गम्भीर क्षति पहुँची जबकि काश्तकारों की 0:498 हेक्टेयर कृर्षि भूमि आपदा की भेंट चढ़ गयी है।

जानकारी देते हुए प्रधान पाली सरूणा प्रेमलता पन्त ने बताया कि चारी तोक निचले हिस्से व में मधु गंगा के किनारे भूस्खलन के कारण सुरक्षा दीवालों के क्षतिग्रस्त होने से सते सिंह, राजेन्द्र सिंह, दीपा देवी, आशीष सिंह की मकान व गौशालाएं खतरे की जद में आ गयी है जबकि पीएमजीएसवाई के निर्माणाधीन सलामी – पाली सरुणा मोटर मार्ग पर कई स्थानों पर सुरक्षा दीवालों का निर्माण न होने के कारण भूस्खलन लगातार जारी है तथा चाका तोक में दो गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गयी है ! प्रधान कविल्ठा अरविन्द राणा ने बताया कि कविल्ठा गाँव के निचले हिस्से में सरस्वती नदी के किनारे भूस्खलन होने से कविल्ठा गाँव के कई परिवार खतरे की जद में आ गयें है। प्रधान कोटमा आशा सती ने बताया कि कोटमा व खोन्नू गांवों के कई स्थानों पर भूस्खलन होने से कई परिवार खतरे की जद में आ गये हैं। तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार पूरे बरसात के सीजन में उप राजस्व क्षेत्र गणेश नगर में तीन, भटवाडी सुनार में चार, बाडब में एक, गुप्तकाशी में एक, कालीमठ में तीन, फाटा में आठ, ऊखीमठ में दो तथा परकण्डी में चार आवासीय भवनों को आंशिक व एक आवासीय भवन को गम्भीर क्षति पहुँची है तथा फाटा राजस्व क्षेत्र में काश्तकारों की 0:498 हेक्टेयर कृर्षि भूमि आपदा की भेंट चढी़ है तथा सभी प्रभावित परिवारों को आपदा मानकों के अनुसार मुआवजा वितरित किया गया है।
