मोटे अनाज के उत्पादन पर जोर दिया
- सत्यप्रकाश ढौंडियाल
जनमंच टुडे। टिहरी । कृषि विभाग ने जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत टिपरी में राज्यस्तरीय मिलेट को लेकर कृषि गोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें काश्तकारों को मंडूवा, झंगोरा के लाभ एवं उसके उत्पादन को लेकर जानकारियां उपलब्ध कराई। विभाग ने काश्तकारों को बताया श्री अन्न प्राचीन काल से ही उपयोग होता रहा है और शरीर के लिए पौष्टिक होता है। विकासखंड भिलंगना के प्रभारी बालेश्वर प्रसाद ने कहा कि मोटा अनाज मधुमेह कम करने में मदद करता है और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है। मोटा अनाज में प्रोटीन, खनिज और विटामिन और फाइबर पाया जाता है। उन्होंने कहा कि ये अनाज कम पानी और कम उपजाऊ भूमि में भी उगाई जा सकती है। उन्होंने काश्तकारों को बताया कि राज्य में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए सरकार लोगों को प्रोत्साहित कर रही है और उन्हें बाजार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि मोटा अनाज उनकी आर्थिकी को मजबूत करने का बेहतर जरिया बन सकता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया अब मोटे अनाजों के गुणों को समझ चुकी है और मोटे अनाज की पौष्टिकता को देखते हुए विश्व स्तर पर इसकी पहल की जा रही है। गौरतलब है कि 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स या मोटा अनाज वर्ष के तौर पर घोषित किया गया है। केंद्र सरकार बढ़ चढ़कर इस अनाज को प्रोत्साहित कर रही है और इसके प्रचार और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। मोटे अनाज में ज्वार, बाजरा, रागी, कुट्टु, काकुन, चीना, सांवा, कोदा यानि मडुवा आदि शामिल हैं। मोटे अनाज के महत्त्व को देखते हुए विश्व स्तर पर कृषकों को उसकी गुणवत्ता व महत्वपूर्णता के साथ मोटे अनाजों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। विकासखंड भिलंगना में भी काश्तकारों को मोटे अनाज के पैदावार के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए न्याय पंचायत भटगांव के ग्राम कोट किसान गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में काश्तकारों के मोटे अनाज के उत्पादन , के लिए प्रोत्साहित किया गया और सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य, बाजार की उपलब्धता आदि की जानकारी दी गई। विभाग ने काश्तकारों को बताया कि सहकारी समितियां एवं उत्पादक समूह एसएचजी उनके उत्पादों को खरीदेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न पहलुओं पर प्रोत्साहन कर रही है। इस दौरान न्याय पंचायत प्रभारी सुभाष, मुकेश नौटियाल, प्रवीण रतूड़ी, बीटीएम एमटी सुरबीर लाल मुकेश लाल ,राजेश कुमार, रामनाथ , छछर सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह ,दीवान सिंह पंवार समेत कई ग्रामीण व काश्तकार मौजूद रहे।
