टीम इंडिया में क्या होगी शमी की वापसी?

2026 की शुरुआत के साथ ही, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के लिए सबसे बड़ा काम आगामी तीन मैचों की एकदिवसीय (ODI) श्रृंखला के लिए टीम इंडिया का चयन करना है। आज, 3 जनवरी को अजीत अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति की बैठक हो रही है, जिसमें उन खिलाड़ियों के नाम तय किए जाएंगे जो 11 जनवरी से वडोदरा में न्यूजीलैंड का सामना करेंगे। इस समय क्रिकेट जगत में सबसे बड़ा सवाल एक ही है—क्या अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की टीम में वापसी होगी?

न्यूजीलैंड के खिलाफ यह श्रृंखला 2027 के वनडे विश्व कप की तैयारी और टीम में बदलाव के दौर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

शमी का मामला: अनुभव बनाम फिटनेस

मोहम्मद शमी ने मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद से कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। चोट और फिटनेस समस्याओं के कारण वे लगभग दस महीनों से टीम से बाहर हैं। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

शमी ने हाल ही में बंगाल के लिए खेलते हुए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 7 मैचों में 16 विकेट झटके, जहाँ उनका औसत मात्र 14.93 रहा। इसके अलावा, विजय हजारे ट्रॉफी के 4 मैचों में उन्होंने 8 विकेट लेकर अपनी लय और फिटनेस का लोहा मनवाया।

पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने शमी का समर्थन करते हुए कहा:

“शमी असाधारण रूप से अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। वे फिट हैं और हमने रणजी ट्रॉफी में देखा कि उन्होंने अपने दम पर बंगाल को मैच जिताए। स्किल के मामले में यह वही मोहम्मद शमी हैं जिन्हें हम जानते हैं। मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि वे भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकते।”

सिर्फ भारतीय विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि रिकी पोंटिंग जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गज भी मानते हैं कि शमी जैसे गेंदबाज की कमी टीम को खल रही है और वे किसी भी मैच में बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।

कार्यभार प्रबंधन और नेतृत्व

फरवरी 2026 में होने वाले टी20 विश्व कप को देखते हुए, चयनकर्ता जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को इस श्रृंखला में आराम दे सकते हैं। उनकी अनुपस्थिति में शुभमन गिल को टीम की कमान सौंपी जा सकती है। गिल को भविष्य के कप्तान के रूप में देखा जा रहा है और घरेलू मैदान पर नेतृत्व करना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। इसके साथ ही, रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी की भी प्रबल संभावना है, जो 2027 विश्व कप की अपनी तैयारी शुरू करना चाहते हैं।

चयन की अन्य चुनौतियां: विकेटकीपर और मिडिल ऑर्डर

आज की बैठक में दो अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी चर्चा होगी:

  1. विकेटकीपर: ऋषभ पंत और ईशान किशन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। जहाँ पंत अपने आक्रामक खेल के लिए जाने जाते हैं, वहीं किशन का घरेलू वनडे रिकॉर्ड उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है।

  2. मिडिल ऑर्डर: श्रेयस अय्यर की फिटनेस अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। यदि वे फिट नहीं होते हैं, तो सरफराज खान जैसे युवाओं को मौका मिल सकता है।

4 जनवरी तक आएगा फैसला

चयन समिति की बैठक 3 जनवरी की दोपहर को शुरू हुई और माना जा रहा है कि देर रात तक अंतिम सूची तैयार कर ली जाएगी। बीसीसीआई द्वारा टीम की आधिकारिक घोषणा 4 जनवरी को किए जाने की उम्मीद है।

मोहम्मद शमी के लिए यह केवल एक वापसी नहीं होगी, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत और चोट से उबरने के संघर्ष की जीत होगी। उनके वनडे आंकड़े (108 मैचों में 206 विकेट) इस बात के गवाह हैं कि बड़े मैचों में वे भारत के लिए कितने भरोसेमंद गेंदबाज रहे हैं। अब सबकी नजरें अजीत अगरकर के फैसले पर टिकी हैं।

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