चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक

जंगल की आग से वन्यजीवों और पर्यावरण पर मंडराया संकट

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ वन प्रभाग में जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। मध्य पिंडर रेंज के कई वन क्षेत्र इसकी चपेट में आ गए हैं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। वन विभाग और अग्निशमन दल की टीमें आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन रही हैं।

बताया जा रहा है कि मध्य पिंडर रेंज के अंतर्गत चेपड़ों और सौगांव गांवों के पास जंगलों में लगी आग तेजी से फैलते हुए खाड़ीबगड़, सौगांव जूनिधार और गोठिंडा क्षेत्र के वनों तक पहुंच गई है। आग इतनी भीषण है कि इसकी लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दे रही हैं। अब तक करीब 20 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जलकर खाक हो चुका है।

आग का असर स्थानीय ग्रामीणों पर भी पड़ने लगा है। चेपड़ों गांव के पास स्थित कुछ गौशालाएं भी आग की चपेट में आ गई हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वहीं आग की लपटें जूनिधार गांव की ओर बढ़ने से आबादी वाले इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

वन विभाग के अनुसार घने चीड़ के जंगल और खड़ी चट्टानों वाला इलाका होने के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कत आ रही है। रात के समय अंधेरा, गिरते पत्थर और जलते हुए पेड़ों के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी ने बताया कि विभाग की टीमें पूरी रात आग पर काबू पाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन आग अभी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है।

आग का असर आसपास के यातायात पर भी पड़ रहा है। जलते हुए पेड़ और पत्थर थराली-देवाल स्टेट हाईवे पर गिरने से इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही जंगल में रहने वाले वन्यजीवों और वनस्पतियों को भी भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *