अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समेत सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो के जरिए उन्होंने अपने दो दशक लंबे क्रिकेट सफर को विराम देने का फैसला सुनाया। रहाणे ने कहा कि हर सफर का एक अंत होता है और उनके लिए अब क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है। संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने अपने प्रशंसकों, परिवार, साथियों और कोचों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “कैप नंबर 278… अब यहीं तक। वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उन्होंने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और उन्होंने हमेशा देश को खुद से ऊपर रखा। रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शामिल रही। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न टेस्ट में शतक जड़कर उन्होंने टीम का मनोबल बढ़ाया और युवा खिलाड़ियों के साथ भारत को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक 2-1 टेस्ट सीरीज जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के कारण उन्हें मेलबर्न का हीरो भी कहा जाता है।
अजिंक्य रहाणे लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के सबसे विश्वसनीय बल्लेबाजों में गिने गए। खासकर विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन टीम के लिए बेहद अहम रहा। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं, जबकि तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 8,414 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। रहाणे ने भारत के लिए अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर वापसी की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह नहीं बना सके। अंततः उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने का फैसला लिया।
