राज्य शिक्षा विभाग ने 38.9 करोड़ रुपए मिड डे मील  दिया

देहरादून । उत्तराखण्ड राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण बंद हुए प्रदेश के 13 जिलों के  सरकारी स्कूलों के प्राइमरी और सेकण्डरी कक्षा के 6 लाख विद्यार्थियों को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की फ्लैगशिप मिड-डे मील योजना अंतरगत पिछले पांच महीनो में लगभग 38.9 करोड़ रुपये डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर और विद्यार्थियों के माता पिता को नगद कैश में दिए गए।  उत्तराखण्ड राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के डाटा के अनुसार प्रदेश के सरकारी स्कूलों के प्राइमरी और सेकण्डरी कक्षा के  लगभग 6 लाख विद्यार्थी पूरे प्रदेश में मिड-डे मील योजना से जुड़े हुए है। इस योजना से दूरस्त गांवो सरकारी स्कूल में पड़ने वाले विद्यार्थियों का स्कूल छोड़ने की दर घट चुकी है, इसी लिए सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से चला रही है। उत्तराखण्ड में लॉक डाउन के पांच महीनो में मार्च से जुलाई 2020 तक 19.9 करोड़ रुपये डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से 1.55 लाख विद्यार्थियों और लगभग 19 करोड़ रूपये नगद कैश 15 लाख विद्यार्थियों के माता पिता को दिए गए।
उत्तराखण्ड  राज्य स्कूल शिक्षा विभाग सचिव डॉ मीनाक्षी सुंदरम ने बताया लॉक डाउन के समय हमारे विभाग ने मिड डे मील योजना के अंतर्गत डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर और नगद कैश के माध्यम से विद्यार्थियों को पैसे पहुचाये गए।  प्रदेश के 13 जिलों में सर्वे के दौरान इस सहयता के बहुत अच्छे नतीजे हमें मिले हैं। जहाँ लॉक डाउन कारण अन्य प्रदेशो में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या बड़ी है,  वही उत्तराखण्ड में मिड मील के अंतरगत चलायी इस योजना के बहुत सकारात्मक परिणाम मिले है और हमारे प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों  ने स्कूल नहीं छोड़े। इसके लिए में अपने विभाग के लोगो का धन्यवाद करता जिन्होंने इस योजना को प्रभावी ढंग से  क्रियान्वित किया है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार प्राइमरी स्कूल के विद्यार्थियों को 114.31 रूपए और सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को 171.35 रुपये और 2.3 किलो चावल प्रत्येक महीने 23 दिनों के लिए दिया जाना जरूरी है। उत्तराखण्ड के 13 जिलों में 16,000 विद्यालय है जिनके आठवीं कक्षा तक के की 6 लाख विद्यार्थी मिड डे मील योजना के  अंतर्गत आते है।
डॉ मुकुल कुमार सती एडिशनल स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने  लॉक डाउन के समय केंद्र सरकार मिड डे मील योजना का प्रभावी रूप से चलाया गया जिसके लिए डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर और नगद कैश विद्यार्थियों किए माता पिता को दिया गया।

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