कारगी चौक के चंद्र विहार में तीन मंजिला के नक्शे पर तन गई चार मंजिला बिल्डिंग
- कार्रवाई के नाम पर एमडीडीए कर रहा केवल लीपापोती
- एमडीडीए की नाक के नीचे ठेकेदार उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
- देहरादून में संकरी सड़कों पर ‘नक्शा दो मंजिला का, इमारत पांच मंजिला
देहरादून। राजधानी देहरादून में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के सख्त दावों की धज्जियां उड़ाते हुए ठेकेदार और भू-माफिया धड़ल्ले से अवैध बहुमंजिला इमारतों का जाल बिछा रहे हैं। शहर की 18 से 20 फीट चौड़ी संकरी सड़कों पर, जहां नियमानुसार दो या तीन मंजिल से ज्यादा के निर्माण की अनुमति नहीं है, वहां सेटिंग और सरपरस्ती के खेल में चार से पांच मंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। ताजा मामला कारगी चौक के समीप स्थित चंद्र विहार कॉलोनी का है, जहां एमडीडीए में लिखित शिकायत दर्ज होने के बावजूद एमडीडीए ने अवैध निर्माण करने वालों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। शिकायतकर्ता के अनुसार उनके शिकायत करने के बाद ठेकेदार ने भवन निर्माण के कार्य में तेजी ला दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चंद्र विहार में मात्र 3 मंजिला आवासीय भवन का नक्शा पास कराकर उसकी आड़ में व्यावसायिक दृष्टिकोण से 4 मंजिला इमारत खड़ी की जा रही है। इस मामले की शिकायत एमडीडीए और देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से की गई थी, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। एमडीडीए द्वारा कोई कार्रवाई न करने से ठेकेदार और भवन मालिक के हौंसले सातवें आसमान पर है और बेधड़क होकर निर्माण कार्य करवा रहे हैं। कॉलोनी के लोगों ने इसकी लिखित शिकायत साक्ष्यों के साथ एमडीडीए के अधिकारियों से की थी। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद ली हैं जो की समझ से परे हैं।
संकरी सड़कों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
शहर की 18-20 फीट की सड़कों पर इस तरह के अवैध बहुमंजिला निर्माणों से पूरी कॉलोनी का दम घुटने लगा है। भविष्य में यदि कोई अग्निकांड या भूकंप जैसी आपदा आती है, तो इन तंग गलियों में फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस का पहुंचना भी नामुमकिन हो जाएगा। इसके अलावा सीवेज, पानी और बिजली की लाइनों पर भी क्षमता से अधिक दबाव पड़ रहा है, जिससे स्थानीय जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अब सवाल यह है कि भू-माफिया और ठेकेदारों को इतनी खुली छूट कैसे मिली हुई हैऔर किसकी सह पर ऐसे निर्माण कार्य धडल्ले से हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी से मांग की है कि इस अवैध निर्माण को तुरंत सील कर ध्वस्त किया जाए और कानून को ताक में रखकर कार्य करवाने वाले ठेकेदार और भवन स्वामी पर कार्रवाई की जाए।
