हर फील्ड में विजय पताका फहरा रही महिलाएं : प्रीति
मुस्कुराकर, दर्द भुलाकर, रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी।। हर पग को रोशन करने वाली वो शक्ति है एक नारी।
देहरादून। विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले शख्सियतों को विभिन्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने के लिए जनमंच न्यूज पोर्टल की सम्पादक, व दैनिक उत्तराखंड हेराल्ड समाचार पत्र की वरिष्ठ उप सम्पादक प्रीति नेगी को सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार राज्य के प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी एस एस चौहान ने प्रदान किया। नारी शक्ति को सम्मान देने के लिए उन्होंने आयोजकों का तहे दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि सम्मान मिलने से उनके हौसला और शक्ति में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने इस दौरान युवतियों, महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है और अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अदृश्य संघर्ष को सलाम करने , उन्हें समानअधिकार और सम्मान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। आप कर्म करते जाइए, आपको सफलता जरूर मिलेगी। प्रीति नेगी ने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र चुनौतियों से भरा है, लेकिन मेहनत के आगे चुनौतियां हार जाती है। अपनी मंजिल पाने के लिए जीवन के सभी बाधाओं को पार करने का साहस जुटाना चाहिए, तभी मंजिल मिलगी और कामयाबी कदम चूमेगी। प्रीति नेगी ने कहा कि किसी समय लड़कियों को कमजोर समझा जाता था,किंतु लड़कियों ने आज अपनी मेहनत और मेधा शक्ति के बलबूते हर क्षेत्र में लोहा मनवाया रही है। प्रीति नेगी ने कहा कि नारी का सारा जीवन कामकाज में ही बीत जाता है। पिता की छत्रछाया में घर के कामकाज के साथ पढ़ाई-लिखाई की दोहरी जिम्मेदारी निभानी होती है। विवाह के बाद महिलाओं पर और भी भारी जिम्मेदारियां आ जाती है। दिन रात काम मे जुुुटे रहने के बाद उसके पास अपने लिए समय ही नहीं बचता। वे कोल्हू के बैल की तरह घर के कामों में जुटी रहती हैं। घर-परिवार, चौके-चूल्हे में ही महिला का जीवन कब बीत जाता है, उसे भी पता नहीं चलता। प्रीति ने उत्तराखंड की नारी के बारे में कहा कि पहाड़ की नारी कर्मठ है।सुबह पांच बजे से रात दस,11 बजे तक चूल्हा-चौका, खेत-खलिहान व अन्य रोजमर्रा के कामों में जुटी रहती है। खेत की निराई-गुड़ाई, बुवाई-कटाई के तमाम काम उसके जिम्मे होते हैं। पहाड़ की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और खुद ही अपना मुकाम तय कर रही हैं। धीरे- धीरे महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। महिलाओं को शिक्षा में बढ़ावा, करियर के क्षेत्र में कई अवसर और पुरुषों के जैसे ही समान अधिकार मिल रही है। आज नारी की भागीदारी के बिना आदर्श समाज की कल्पना तक नही की जा सकती। आज महिलाओं की समाज के हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ चुकी है। प्रीति ने कहा जब-जब नारी ने आगे बढ़कर अपनी बात को सही तरीके से रखी है तो समाज और राष्ट्र ने उसे पूरा सम्मान दिया है ।अब नारी को पुरुष से कमतर नहीं आंका जा सकता। यही कारण है कि महिलाएं पहले से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर हुई है। जीवन के हर क्षेत्र में वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मजबूती से खड़ी हैं । समाज निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है । उन्हें अपने हुुुनर के प्रदर्शन के लिए एक मंच चाहिए। महिलाएं समाज के विकास एवं तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रीती नेगी ने कहा कि नारी के बिना विकसित तथा समृद्ध समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
