गृह क्षेत्र की ‘पंच’ से रणभूमि में धराशाई हुई पंचोली

जनमंच टुडे/ रामनगर

  • सलीम मलिक

सल्ट विधानसभा के सम्पन्न उपचुनाव की मतगणना के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी गंगा पंचोली की उनके अपने ही गृह क्षेत्र स्याल्दे-देघाट क्षेत्र में मतदाताओं पर कमजोर पकड़ ने भाजपा प्रत्याशी महेश जीना के विजय होने की पटकथा का उपसंहार लिख डाला। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा महिला मतदाताओं को रिझाने के सारे प्रयासों पर पार्टी प्रत्याशी के गृह क्षेत्र स्याल्दे-देघाट में ही भाजपा प्रत्याशी से पिछड जाना ही सर्वाधिक घातक साबित हुआ। याद दिला दें कि अंदरूनी कलह की मार झेल रही कांग्रेस पार्टी की सल्ट विधानसभा उपचुनाव में गुटबाजी सतह के इतनी ऊपर आ गयी थी समूची प्रदेश कांग्रेस के प्रत्याशी के पक्ष में सल्ट में डेरा डालने के बाद भी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने पूरे चुनाव में न केवल खुलकर दूरी बनाये रखी, बल्कि अपनी कवायद को उन्होंने मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करते हुए पार्टी प्रत्याशी पर कई जुबानी तीर भी चलाये। लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस ने आधी आबादी पर अपना मुख्य फोकस करते हुए अपनी गुटबाजी के छेद भरने के प्रयास किये। पूरे चुनावी कैम्पेन में कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी को बाहरी बताते हुए उन पर हमला किया तो अपनी प्रत्याशी के महिला होने का खास गुणगान करते हुए महिला मतदाताओं पर डोरे डालने के भरसक प्रयास किये। हालांकि कांग्रेस ने जिस ताक़त के साथ अपनी पार्टी प्रत्याशी का साथ देते हुए दिन-रात एक करते हुए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं सहित आम कार्यकर्ताओं को प्रतिष्ठापूर्ण बन चुके इस चुनाव में झोंक रखा था, उस पर पार्टी प्रत्याशी के गृह क्षेत्र स्याल्दे-देघाट विकास खण्ड में कांग्रेस की ढीली पकड़ ने पानी फेर दिया। कुल मिलाकर सल्ट विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस की पराजय के कारणों की बात करें तो भाजपा के विराट आक्रामक प्रचार का मुकाबला पैसों से कमजोर व गुटबाजी में फंसी कांग्रेस ने हांफते-हांफते करने का प्रयास तो किया लेकिन प्रत्याशी के गृह क्षेत्र की रणभूमि में पार्टी ऐसी धराशाई हुई की मतगणना के बाद के हर चरण में उसकी पराजय के लक्षण स्पष्ट दिखते रहे।

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