पालिका की भूमि पर कब्जा
जनमंच/रामनगर।
भवन निर्माण की आड़ में एक व्यक्ति ने सड़क किनारे पालिका की लाखों की नजूल भूमि पर कब्जा कर चारदीवारी बनानी शुरू कर दी। मौहल्लेवासियों ने मामले की शिकायत नगर पालिका से की तो नगर पालिका दस दिन तक चुप्पी साधे रही। नगर पालिका की तरफ से कोई कार्यवाही न होने से निराश मौहल्लेवासियों ने मामले की शिकायत एसडीएम से की है। जिसके बाद एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक ने मौके पर जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मनीष पुत्र कैलाश चन्द्र का भवानीगंज-गुलरघट्टी मार्ग पर स्थित पंचवटी कॉलोनी में सड़क किनारे का एक प्लाट है। इस प्लाट पर भवन निर्माण के दौरान भवन स्वामी ने भवन के आगे सड़क किनारे की नगर पालिका की करीब बारह फुट भूमि पर कब्जा करते हुए उस पर चारदीवारी बनानी शुरू कर दी, जिसका मौहल्लेवासियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। मौहल्लेवासियों ने मामले की शिकायत नगर पालिका प्रशासन से की। मौहल्लेवासियों का आरोप है कि सड़क किनारे की इस भूमि पर अतिक्रमण से सड़क का यातायात बाधित होगा। व सड़क संकरी होने के कारण हर समय दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी, लेकिन नगर पालिका ने मौहल्लेवासियों की शिकायत पर दस दिन तक रहस्यमय तरीके से चुप्पी साध ली। जिसके बाद निराश मौहल्लेवासियों ने एसडीएम विजयनाथ शुक्ल की शरण लेते हुए उन्हें इस मामले से अवगत कराया। एसडीएम ने मामले पर त्वरित कार्यवाही करते हुए नायब तहसीलदार वीर सिंह व राजस्व निरीक्षक ताराचन्द्र घिल्डियाल को मौके पर भेजकर जांच रिपोर्ट तलब की है। मामले में मौहल्ले वालों ने आरोप लगाया है कि लोगो के विरोध के बावजूद भी पालिका की सह पर इस भूमि पर अवैध कब्जा कराया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि पालिका की भूमि को अवैध रूप से कब्जे में करने के बाद इस कब्जे को कानूनी रूप से वैधता देने के लिए कब्जेदार द्वारा नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया पर रोक लगी होने के बाद भी कब्जे की भूमि को अपने पक्ष में फ्री होल्ड करने के लिए 25% की धनराशि भी पालिका में जमा कराई जा चुकी है। इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी ने बताया कि अतिक्रमण का मामले में शिकायत मिली है। प्रकरण की जांच की जा रही है। फ्री होल्ड की प्रक्रिया पर अभी रोक लगी है। ऐसे में किसी भी भूमि का फ्री होल्ड सम्भव नहीं है।
