पहाड़ के विकास के लिए डॉ पंत ने रखी थी उक्रांद की नींव
जनमंच टुडे/देहरादून।
उक्रांद के प्रथम अध्यक्ष, कुमाऊं विवि के प्रथम कुलपति स्व डॉ डीडी पंत की 102 वीं जयंती पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। उत्तराखंड क्रांति दल के प्रथम अध्यक्ष स्व डॉ डीडी पंत की 102 वीं जयंती पर दल के कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय 10 कचहरी रोड़ देहरादून में उन्हें याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि 14 अगस्त को पिथौरागढ़ के देवराडी गांव में जन्मे डा देवी दत्त पंत उक्रांद के गठन के बाद 25 जुलाई 1979 को दल के पहले अध्यक्ष बने। डॉ पंत कुमाऊँ यूनिवर्सिटी के प्रथम कुलपति भी रहे। वक्ताओं ने कहा कि भौतिकी के क्षेत्र में उनका बड़ा योगदान रहा है। आज भी बीएससी के पाठ्यक्रम में पंत की थिसिज़ पढ़ाई जाती है। वक्ताओं ने कहा कि थिंक ग्लोबली एंड एक्ट लोकली का नारा सर्वप्रथम पंत ने ही दिया था। इसी सोच को लेकर इस महान वैज्ञानिक ने उत्तराखंड के समग्र विकास की अवधारणा को लेकर 24 व 25 जुलाई 1979 को नींव मसूरी में डाली। डॉ पंत उच्चें आयाम की सोच के व्यक्तित्व लेकिन उत्तराखंड कि सोच को अहमियत दी। उन्होंने एक क्षेत्रीय दल का गठन कर पृथक उत्तराखंड राज्य कि नींव रखी। पहाड़ की जवानी व पानी को रोकने के लिए डॉ पंत ने उत्तराखंड राज्य का संकल्प लेकर उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने का कि उक्रांद कि सरकार बनने पर डॉ डी डी पंत के नाम अकेडमिक पुरुस्कार शिक्षा के क्षेत्र में दिया जाएगा। इस अवसर पर त्रिवेंद्र सिंह पंवार, लताफत हुसैन, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय,विजय बौड़ाई,उत्तम रावत, डी एम काला,दीपक रावत, जब्बर सिंह पावेल, समीर मुखर्जी, राजेंद्र प्रधान,किरन रावत कश्यप,दीपक मधवाल, अरबिंद बिष्ट, राजेंद्र गुसाईं आदि उपस्थित थे।
