मक्कूबैण्ड में पानी का संकट
जनमंच टुडे/ ऊखीमठ।
तृतीय केदार तुंगनाथ यात्रा के अहम पड़ाव मक्कूबैण्ड में पेयजल संकट बना हुआ है जिससे स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित होने के साथ देश – विदेश से तुंगनाथ घाटी आने वाले तीर्थ यात्रियों व सैलानियों को दो बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों को एक किमी दूर से पानी पीठ में ढोकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित करने पड़ रहे हैं। स्थानीय व्यापारी आनन्द सिंह नेगी ने बताया कि तुंगनाथ यात्रा के अहम पडा़व मक्कूबैण्ड में विगत दो माह से पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय खासा प्रभावित हो रहा है। महावीर सिंह पंवार ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बार – बार अवगत कराने के बाद भी पेयजल संकट बना हुआ है। राजवीर सिंह राणा ने बताया कि मक्कूबैण्ड में पेयजल गहराने का खामियाजा देश विदेश से तुंगनाथ घाटी आने वाले तीर्थ यात्रियों, सैलानियों व स्थानीय जनता को भी भुगतान पड़ रहा है। विशन सिंह, मनोज सिंह, गोपाल सिंह, सतवीर सिंह ने बताया कि पहले ही वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण आम जन मानस की आर्थिकी डगमगा गयी है तथा चार धाम यात्रा शुरू होते ही मक्कूबैण्ड में पेयजल संकट गहराने से स्थानीय व्यापारियों का व्यापार खासा प्रभावित हो गया है तथा मक्कूबैण्ड में व्यवसाय कर रहे व्यापारियों के सन्मुख दो जून रोटी का संकट बना हुआ है। जगमोहन सिंह नेगी ने बताया कि मक्कूबैण्ड में पेयजल संकट के बारे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों को बार – बार अवगत कराया गया है फिर भी पेयजल संकट बना हुआ है! वही दूसरी ओर जल संस्थान के कनिष्ठ अभियन्ता बीरेन्द्र भण्डारी ने बताया कि मक्कूबैण्ड में ग्राम पंचायत की पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति होती है।
- वरिष्ठ पत्रकार, लक्ष्मण सिंह नेगी, ऊखीमठ।
