पैदल ही लेह- लद्दाख की दूरी नापने निकला रायड़ी का हिमांशु

लक्ष्मण सिंह नेगी।

जनमंच टुडे/ ऊखीमठ।

ऊखीमठ – रुद्रप्रयाग जनपद की बसुकेदार तहसील के रायड़ी गांव निवासी 25 वर्षीय युवा हिमांशु रौथाण ने अपने गांव से लेह लद्दाख तक 1200 किमी की कठिन यात्रा पैदल करने की ठानी है। वह एक ऐसे लक्ष्य को लेकर घर से पैदल निकले हैं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। 14 मई से प्रारम्भ हुई उसकी यह साहसिक पैदल यात्रा पौंठा साहिब तक पहुंच चुकी है।
रायड़ी गांव के पूर्व सैनिक बीरपाल सिंह रौथाण की इकलौती संतान हिमांशु की प्रारंभिक शिक्षा गौरी मेमोरियल इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि, लैंसडौन, मुंबई, दिल्ली आदि जगह पर हुई है। कभी हॉस्टल में रहा, तो कभी घर पर, दिल्ली में रहते हुए फ़िल्म मेकिंग, फोटोग्राफी, यूट्यूब चैनल आदि शौकिया तौर पर सीखा। पढ़ाई के साथ-साथ जॉब भी की और जब कोविड-19 का  दौर आया तो  वह मजबूरन मार्च 2020 में दिल्ली से घर लौट आया। घर में रहकर परिजनों के साथ खेती बाड़ी में हाथ बंटाया, लेकिन मन नहीं रम पाया। आखिरकार उसे लगा कि उसकी लाइफ  समाज में कुछ अलग करने के लिए ही बनी है। दोस्तों के साथ ही उसके पिता ने भी उसका समर्थन करने के साथ ही मार्गदर्शन किया। इससे उसका हौसला बढ़ा और मां-पिता की अनुमति से ही यह कठिन, मगर साहसिक कार्य करने की ठानी और 14 मई की सुबह घर से मां बाप का आशीर्वाद लेकर पैदल ही सफर तय करने के लिए श्रीनगर पहुंचा।  देवप्रयाग, ब्यासी, ऋषिकेश, देहरादून होते हुए बृहस्पतिवार को  वह पौंठा साहिब पहुंचा। रायड़ी गांव के अवकाश प्राप्त शिक्षक, कबड्डी एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रौथाण ने हिमांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सिर्फ रायड़ी नहीं, बल्कि रुद्रप्रयाग जनपद और प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि हिमांशु की सफलता से अन्य युवा भी प्रेरणा लेंगे।

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