अपनी बोली को तरजीह देने से सभ्यता और संस्कृति का विकास होगा

जनमंच टुडे/रुद्रप्रयाग। रूद्रप्रयाग जिले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा ने अभिनव पहल शुरू कर दी है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपनी बोली, भाषा को महत्व देने के अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा होने से हमारी सभ्यता और संस्कृति का विकास होगा। लोकभाषा के संरक्षण के लिए जहां डायट में अनेक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। वही जिले के अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लॉक से प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाई स्कूल और माध्यमिक विद्यालयों के स्कूली छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया। विशेष रूप से लोकभाषा गढ़वाली के संरक्षण के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। कार्यक्रम में डायट के प्राचार्य विनोद प्रसाद सिमल्टी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपनी बोली, भाषा को महत्व दिया जाए, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे हमारी सभ्यता और संस्कृति का विकास होगा।

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