कालिदास का हिमालय के प्रति अगाध प्रेम रहा : खंडूडी
लक्ष्मण सिंह नेगी
जनमंच टुडे। ऊखीमठ। गढ़वाल विश्व विद्यालय के कुल सचिव डाक्टर अजय खण्डूडी ने कहा कि महाकवि कालिदास का हिमालय के प्रति अगाध प्रेम रहा है, तथा उन्होंने विभिन्न संस्कृत महाकाव्यों में हिमालय की महिमा का गुणगान विस्तृत तरीके से किया है। उन्होंने ये बात महाकवि कालिदास जन्म भू स्मारक समिति कविल्ठा कालीमठ के तत्वावधान में आयोजित महाकवि कालिदास समारोह में कही।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत निदेशक एसपी खाली ने कहा कि महाकवि कालिदास सम्मान समारोह को भव्य रूप देने के लिए पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग व प्रदेश सरकार को भी पहल करने की जरूरत है। डा नित्यानंद पोखरियाल, डा यशोदा खण्डूडी , डा भानु प्रताप डिमरी व कवि उपासना सेमवाल ने भी महाकवि कालिदास की संस्कृत महाकाव्यों का विस्तृत वर्णन किया। समारोह का संचालन महामंत्री सुरेशानन्द गौड़ ने किया।
इस मौके पर केन्द्रीय गढ़वाल विश्व विद्यालय संस्कृत विभाग के प्राचार्य डाक्टर आशुतोष गुप्ता को वर्ष 2022 कालिदास सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के समापन अवसर पर प्राथमिक विद्यालय कविल्ठा, सरस्वती शिशु मन्दिर व कोटमा, महिला मंगल दल कोटमा, कालीमठ व शैलजा सामाजिक ग्रुप पौड़ी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही जिसका दर्शकों ने देर शाम तक भरपूर लुफ्त उठाया। तीन दिवसीय समारोह का समापन आज रंगारंग सांस्कृतिक व विद्वान आचार्यों के शोध वाचन के साथ हुआ।
इस मौके पर बीरेन्द्र सिंह रावत, सुरेन्द्र सिंह तिन्दोरी, प्रधान अरविन्द राणा, महेश चन्द्र सती, मनवर सिंह चौहान, बलवन्त सिंह रावत, रमेशचन्द्र भटट्, राम लाल आर्य, योगेन्द्र सिंह रावत, कुलदीप रावत, मुकन्दी सिंह सत्कारी, सुरेन्द्र सिंह सत्कारी, त्रिलोक सिंह रावत, कृपाल सिंह राणा, लक्ष्मण सिंह सत्कारी, प्रबल सिंह रावत, रामचन्द्र सिंह राणा, दलीप सिंह रावत, चन्द्र प्रकाश गौड़, सदानन्द कोटवाल, बचन सिंह रावत विनीता राणा, भामा देवी गौड़, प्रियंका देवी सहित विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकार, संगीतकार, जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।
