सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता होनी जरूरी : त्रिवेंद्र रावत
जनमंच टुडे काशीपुर। फाइनेंस कंपनी सोशल ग्रुप पर लगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बेबुनियाद बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप को इस मामले में रिजर्व बैंक तीन बार क्लीनचिट दे चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की दो बार जांच कराई गई लेकिन ऐसा कोई भी मामला सामने आया। उन्होंने कहा साजिश के तहत ऐसी खबर उड़ाई जा रही है। रावत ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से उनका कोई संबंध नहीं है। उनके सलाहकार रहे केएस पंवार को इसमें फंसाने की कोशिश हो रही है। जबकि उस कंपनी का कोई डायरेक्टर नहीं है। रावत ने कहा कि आरोप लगाने वाले राज्य विरोधी, ब्लैकमेलर हैं। वह राज्य सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को ऐसे लोगों को पहचानना होगा। उन्होंने छावला दिल्ली के सामुहिक दुष्कर्म कांड पर उत्तराखंड की बेटी के हत्यारों के बरी होने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए सोचने का विषय है कि जिन्हें हाईकोर्ट ने फांसी की सजा दी, वे बरी कैसे हो गए।
बैकडोर भर्ती पर उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को उनका हक मिल सके। उन्होंने कहा कि बैकडोर नियुक्तियां बंद होनी चाहिए।
