आईआईटी रुड़की देश की विकास गाथा में अग्रणी संस्थान : प्रधान
जनमंच टुडे। रुड़की। आईआईटी रुड़की में इस अवसर पर दीक्षांत समारोह को वर्चुअल संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आईआईटी रुड़की ने स्वतंत्रता संग्राम को देखा है और स्वतंत्र देश की विकास गाथा में एक अग्रणी संस्थान रहा है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और सभी स्थानक छात्रों को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र सुनिश्चित करना होगा उन्होंने कहा कि यह ज्ञान की सदी है और भारत की अध्यक्षता में सैकड़ों साल पुरानी देश की परंपरा वसुधैव कुटुंबकम के मूल्यों पर आधारित ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए । साथ ही छात्रों को जी-20 के महान अवसर का उपयोग करने के लिए भी योजना बनानी चाहिए । उन्होंने कहा, कि “भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की को देश में शिक्षा परिवर्तन का नेतृत्व करना चाहिए जहां शिक्षा के केंद्र में मानवता की सेवा निहित हो । आई आई टी रुड़की के निदेशक केके पंत ने कहा कि उनका संस्थान नारी शक्ति को आगे बढ़ाने तथा विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए जोर दे रहा है। पंत ने कहा कि आईआईटी रुड़की छात्रों को ऐसी रिसर्च में मदद कर रहा है जिससे वह खुद उद्यमी बनकर न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकेंगे। उन्होंने कहा की नई शिक्षा नीति में भी इस तरह के कई बदलाव हुए हैं जिससे छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान दिया जा रहा है और स्व रोजगार परक शिक्षा दी जा रही है ताकि वह अपना स्टार्टअप खोलकर रोजगार के अवसर पैदा कर सके और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर सके। 22 में दीक्षांत समारोह में 2 हजार 22 छात्र छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गई। बीटेक डिग्री प्राप्त करने वाली खुशी ने कहा कि डिग्री प्राप्त करके उन्हें काफी प्रसन्नता हुई है उनकी 4 साल की मेहनत सफल हुई है और वह भविष्य में आईएएस बनना चाहती है । बीटेक के छात्र आभास को भी डिग्री प्रदान की गई, साथ ही उन्हें सामाजिक सेवा के क्षेत्र में में काम करने के लिए सम्मानित किया गया।
