प्रसिद्ध खैरालिंग कौथिग शुरू,तीन गांवों की ध्वजाएं चढ़ाई
जनमंच टुडे। पौड़ी। गढ़वाल का प्रसिद्ध खैरालिंग कौथिग में आज थैर, रिठोली और मिरचोड़ा तीन गांवों की ध्वजाएं चढ़ाई गई।यही इस मेले की लोक परंपरा है पूर्व में इस मेले में भैसों और बकरों की बलि दी जाती थी जो अब पूर्ण रूप से बंद हो गई है। अब यहां सात्विक पूजा आयोजित होती है। मंदिर में चढ़ाई जाने वाली ध्वजाएं आकर्षण का केन्द्र होती हैं ।जिन गांवों से बांस की ध्वजाएं आती हैं वे प्रतियोगितात्मक रूप से बड़े से बड़े बांस की ध्वजा लेकर आते हैं इस वर्ष मंदिर में ध्वजा चढ़ाने में एक घण्टे से भी अधिक का समय लगा ।यह पहला अवसर जब ध्वजा चढ़ाने में इतना समय लगा। खैरालिंग कौथिग दो दिवसीय आयोजन है जिसमें दूर दूर से श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं।
खैरालिंग महादेव के प्रति लोगों में असीम आस्था और श्रद्धा है यहां लोग भगवान का आशीर्वाद लेनेआते है।यह मेला भी अन्य मेलों की तरह मिलन का बड़ा केन्द्र रहा है इस मेले में जनपद के कल्जीखाल, द्वारीखाल , एकेश्वर, जयहरीखाल,पौड़ी ,पाबौ विकासखण्डों से भी श्रद्धालु बड़ी मात्रा में पहुंचते हैं।
खैरालिंग मंदिर के मुख्य पुजारी विनोद शर
मा का कहना है कि इस मेले के प्रति लोगों की असीम श्रद्धा है ।सब लोगों और प्रशासन के सहयोग से यह मेला सुन्दर ढंग से आयोजित हो रहा है और इसमें श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है।
मेले में श्रद्धालुओं की संख्या उत्साहजनक है समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी,पार्किंग और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।मेले में दुकानों के लिए समिति द्वारा स्थान निर्धारित कर व्यवस्थाएं की गई।
