तुंगनाथ धाम में उमड़ी भक्तों की भीड़
- लक्ष्मण सिंह नेगी
जनमंच टुडे। ऊखीमठ। सावन के पहले सोमवार को जिले के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी और मन्दिर भोले के जयकारों से गुंजयमान रहे। पंच केदार में सबसे ऊंचाई पर विराजमान तृतीय केदार के नाम से विश्व विख्यात तुंगनाथ धाम में सावन मास के प्रथम सोमवार को जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिर में पूजा अर्चना और जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि व क्षेत्र के खुशहाली की कामना की। सावन के प्रथम सोमवार को तुंगनाथ धाम में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होने से तुंगनाथ यात्रा पड़ावों पर रौनक बनी रही। तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के चेहरे पर रौनक देखने को मिली। सावन महीने के शुभारंभ अवसर हापला घाटी के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ को परम्परा के अनुसार नये अनाज सहित दूध, दही , मक्खन का भोग अर्पित किया। आपकों बता दे कि तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में भगवान शंकर के भुजाओं की पूजा होती है। यह धाम पंच केदारों में सबसे ऊंचाई पर विराजमान है तथा तुंगनाथ धाम तृतीय केदार के नाम से विख्यात है । तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक बलवीर नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक तुंगनाथ धाम में 25 हजार 970 पुरूषों, 17 हजार 270 महिलाओं, 12 हजार 201 नौनिहालों व 906 साधु सन्तों सहित 56 हजार से अधिक तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर चुके हैं। मन्दिर समिति प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि इस बार तुंगनाथ धाम में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों का आकडा़ 56 हजार के पार पहुंच गया है और इसकी संख्या में और अधिक बढ़ोत्तरी होगी। पण्डित भरत प्रसाद मैठाणी ने बताया कि जो भक्त निस्वार्थ भावना से भगवान तुंगनाथ के श्रीचरणों में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता है उसके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। हापला घाटी के कलसीर निवासी बलवन्त सिंह राणा ने बताया कि हापला घाटी के ग्रामीण का सावन माह में भोग अर्पित करने की परम्परा प्राचीन है। शंकर सिंह नेगी ने बताया कि तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, यदि तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर बिजली, संचार, स्वास्थ्य जैसी सुविधायें मुहैया होती है तो तुंगनाथ धाम आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में कई गुना अधिक इजाफा हो सकता है।
