गढ़वाली फ़िल्म निर्देशक सुरेंद्र सिंह बिष्ट का निधन
जनमंच टुडे। डेस्क। बड़े पर्दे पर गढ़वाली सिनेमा को पहचान दिलाने वाले गढ़वाली फ़िल्म निर्देश सुरेंद्र सिंह बिष्ट का 76 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए उदंकार फ़िल्म बनाई थी। सुरेंद्र सिंह बिष्ट का जन्म चार जून 1948 को पौड़ी जिले के एकेश्वर के जैंतोलस्यूं पट्टी के नौदेणा गांव में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा गांव में ही हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विवि से स्नातक की शिक्षा ली। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली दूरदर्शन में नौकरी शुरू की। 80 के दशक में उन्होंने उत्तराखण्ड में व्यप्त समस्याओं को लेकर उत्तरायण फिल्म के बैनर तले उदंकार फिल्म का निर्माण किया था। उन्होंने इस फिल्म को किसी एक विषय पर केंद्रित न कर समूचे उत्तराखंड पर केंद्रित करके बनाई थी। फ़िल्म में उन्होंने पहाड़ में नारी की स्थिति, पलायन, नशाखोरी, समाज में व्याप्त अंधविश्वास, चिपको आंदोलन, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि उत्थान जैसे तमाम विषयों को शामिल किया था। उस दौर में सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने उदंकार फिल्म बनाने के लिए अपनी तमाम जमा पूंजी दांव पर लगा दी थी। फ़िल्म को बनाने में उनकी धर्म पत्नी कमला बिष्ट ने भी भरपूर सहयोग दिया था और वह फिल्म की निर्मात्री थी। उदंकार फिल्म का प्रीमियर 14 फरवरी 1987 को देहरादून के कनक सिनेमा हॉल में हुआ था। आर्थिक दृष्टि से ये फिल्म सफल नहीं हो पाई थी, लेकिन इस फ़िल्म ने गढ़वाली फिल्मों में अलग मुकाम जरूर बनाया था। दिल्ली में रहने के बावजूद जीवनपर्यंत उनका जन्मभूमि से हमेशा जुड़ाव रहा।
