सड़क के लिए तरसे प्रतापनगर क्षेत्र के ग्रामीण
- सत्यप्रकाश ढौंडियाल।
जनमंच टुडे। टिहरी। दुनिया आज चांद पर पहुंच चुकी है , वहीं दूसरी ओर प्रताप नगर विकासखंड के सुदूरवर्ती गांव सिलोडा, चाका, धंगड़ गांव ,बेजाभागी, किमखेत के लोग आजादी के 77 वर्ष बाद भी सड़क को मोहताज है।ग्रामवासी आजादी के बाद से आज तक एक सड़क के लिए तरस गए हैं। स्थिति यह है कि इन दिनों गांव के सैकड़ों ग्रामीण बारिश हो या भरी दोपहरी पगडंडी वाले रास्तों पर चलने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क को लेकर उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई और सड़क बनाने की मांग की है, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यही नहीं यहां के कुछ जागरूक ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर अधिकारियों को पत्र भेजे लेकिन उनके पत्रों को रद्दी के टोकरी में डाल दिया गया जिस कारण दशकों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।और ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। हालत यह है कि सड़क न होने से ग्रामीण बीमार और गर्भवती महिलाओं को पालकी व डंडी, कंडी से अस्पताल पहुंचाते हैं और इसके लिए उन्हें कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश राणा ने सड़क को लेकर जिला अधिकारी अधिकारी मयूर दीक्षित से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन देकर क्षेत्र के सड़कों के निर्माण में आ रही समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के घोषणा के बावजूद आज तक क्षेत्र की सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। राकेश राणा ने जिलाधिकारी से खम्बाखाल सिलोडा मोटर मार्ग के किलोमीटर 4 की वन भूमि की स्वीकृति देने के साथ चाका सिलोडॉ मोटर मार्ग निर्माण और ओनाल गांव से राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज तोली सेंण मुखेम के रुके हुए कार्य को तत्काल शुरू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मार्ग को धनगढ़ गांव तक जोड़ने व रेका से आगे बेजाभागी, किमखेत तक जोड़ने की मांग रखी। उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री के घोषणानुसार सदड गाँव से रेका को जोड़ने के लिए सड़क स्वीकृत करने के साथ ही कंडियाल गांव से माँ दिन्याली देवी सिद्ध पीठ निर्माणाधीन मोटर मार्ग को भी पूरा करने की मांग की।जिलाधिकारी ने त्रिपक्षीय वार्ता में प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बोराड़ी के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार को इन सभी मार्गो के संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए ।
