मौन पालन को प्रोत्साहित किया जाएं : राज्यपाल
देहरादून। आज लोक भवन में स्थापित मधुमक्खियों के बक्सों से शहद निकाला गया। इस वर्ष प्रथम चरण में 15 बक्सों से लगभग 41 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। ये मधुमक्खी बक्से पुष्प प्रदर्शनी के दौरान लोक भवन परिसर में लगाए गए थे, जिनमें मेलीफेरा प्रजाति की मधुमक्खियाँ रखी गई हैं। इस अवसर पर राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh ने हनी बी प्रोसेसिंग (शहद निकालने की प्रक्रिया) का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड का शहद वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा और एक मजबूत ब्रांड के रूप में उभरेगा।राज्यपाल ने कहा कि पर्यटन के प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ उत्तराखण्ड में मधुमक्खी पालन को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती की अपार संभावनाएं प्रदान की हैं, जिनका उपयोग कर मधुमक्खी पालन को और अधिक विकसित किया जा सकता है।
