समस्याओं का निस्तारण करने के लिए सरकार प्रयासरत्त : महाराज

नई टिहरी । प्रदेश सरकार के पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, संस्कृति, जलागम प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण एवं भारत-नेपाल उत्तराखण्ड नदी परियोजनाएं मंत्री सतपाल महाराज ने जिला मुख्यालय नई टिहरी पहुँच कर  लघु एवं राजकीय सिंचाई की कुल 435.99 लाख रुपये की 6 योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 64.55 लाख की 4 योजनाओं का लोकार्पण व 272.44 लाख की 2 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
सोमवार को प्रदेश के सिंचाई मंत्री ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान जिला मुख्यालय स्थिति टीएचडीसी गेस्ट हाउस से लघु सिंचाई विभाग की 4 योजनाओं का लोकार्पण एवं राजकीय सिंचाई खण्ड टिहरी व नरेन्द्रनगर की 1-1 योजनाओं का शिलान्यास किया। लोकार्पित योजनाओं में विकासखण्ड देवप्रयाग के ग्रामपंचायत सांदनाकोट सामुहिक सिंचाई योजना, विकासखण्ड नरेन्द्रनगर के ग्रामपंचायत पिलडी व मौण एवं उपखण्ड कार्यालय भवन घनसाली शामिल है जबकि सिंचाई खण्ड नई टिहरी की विकासखण्ड जाखणीधार के ग्राम कस्तल के गुल्डानी नामे तोक में गांव के सुरक्षा कटाव व विकासखण्ड जौनपुर में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त 12 पर्वतीय नहरों के पुर्ननिर्माण की योजना शामिल है। आयोजित कार्यक्रम में सतपाल महाराज ने  कहा कि पहाड़ में पहाड़ जैसी समस्याएं है। जिनका निस्तारण करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत्त है। उन्होने कहा कि विस्थापन सम्बन्धी प्रकरणों के निस्तारण हेतु कमीश्नर गढ़वाल की अध्यक्षता में समिति गठन किया गया है। आगामी 5 नवम्बर को आयोजित बैठक में रौलाकोट के 415 परिवारों के विस्थापन के प्रकरण को भी रखा जायेगा। उन्होने कहा कि जो प्रकरण केन्द्र सरकार स्तर से निस्तारित होने है उससे लिए प्रतिनिधि मंण्डल शीघ्र ही केन्द्रीय मंत्रियों से मिलने जायेगा। जनपद में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि पहाड़ों में बड़ी झीले विरले ही मिलती है। कहा कि टिहरी झील को में एवं आस-पास के क्षेत्र में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं है, टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विश्वस्तरीय आर्केटेक्ट एवं प्लानर की आवश्यकता है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि देस्थानम बोर्ड तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्व है, किसी भी स्थिति में तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूको की अनदेखी नहीं की जायेगी। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए टिहरी डेम टाॅप से रात्री में आवागमन हेतु समय बढाने के लिए केन्द्रीय स्तर पर वर्ता कर समय बढाये जाने की भी बात कही। इसके अलावा उन्होने स्थानीय उत्पाद, होम स्टे का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार के साथ धर्मिक सर्किट, नव गृह सर्किट, रामायण व महाभारत सर्किट इत्यादि पर भी सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। ताकि उत्राखण्ड में आने वाले पर्यटक शान्त एवं सुरक्षित वातारण में धार्मिक परम्पराओं एवं रिति-रिवाजों से भी रुबरु हो सकें।

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