बजट में निराशा के सिवाय कुछ नहीं : रावत
सतपुली। पौड़ी लोकसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी व यूकेडी डेमोक्रेटिक के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी इं डीपीएस रावत ने 2021_22 को महज चुनाव को लुभाने वाला बजट बताया है। डीपीएस रावत ने कहा कि हर बार की तरह ही इस बार के बजट में भी लोगों को मायूसी हाथ लगी है, और बजट सिर्फ चुनाव को साधने वाला है। रावत ने कहा कि सरकार ने बजट में सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी दिखाई है। बजट में किसान, बेरोजगार और आम जनता के लिये कोई भी प्रावधान नहीं दिया गया है। सरकार ने यह नही बताया कि आखिर पहाड़ के किसान की आमदनी दोगुनी कैसे होगी। बजट में यह नहीं बताया गया कि बेलगाम होती महंगाई को कैसे रोका जाएगा।
डीपीएस रावत ने कहा कि पिछ्ले 20 साल से बीजेपी कांग्रेस योजनाओं के नाम पर भरमजाल फैला कर लोगों को बरगला रही है। पिछले 20 सालों मे बीजेपी, कांग्रेस ने बजट के नाम पर पर बारी- बारी से प्रदेश को लूटा हैं। डीपीएस रावत ने कहा कि रोजगार पर मुख्यमंत्री का बजट, भाषण सिर्फ अपनी पीठ ठोकने तक ही सीमित है
सरकार ने शिक्षा के लिए कुल बजट का 16 प्रतिशत रखा जबकि, स्वास्थ के लिए सरकार ने कुल बजट का 5 प्रतिशत रखा गया । इंजीनियर डीपीएस रावत ने कहा कि अभी तक पिछले साल के बजट का उत्तराखंड सरकार महज 54 प्रतिशत ही खर्च कर पाई है । ऐसे में 2021_22 का बजट सिर्फ भाषण तक ही सीमित दिखाई देता है । इसके अलावा इं० डीपीएस रावत ने कहा कि इन चार सालों में ऐसी को भी योजना सरकार परवान नहीं चढा पाई लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने पूरे बजट भाषण में उनका ही गुणगान किया है, जिन योजनाओं की पोल पूरे प्रदेश में आए दिन खुल रही हैं। कोरोना महामारी के बाद आए इस बजट से प्रदेश की जनता बड़ी उम्मीदें लगाए हुई थी, लेकिन जनता के हाथ एक बार फिर निराशा लगी। कोरोना महामारी में प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगार हुए, पर्यटन उद्योग समेत छोटे-बड़े उद्यमियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में सरकार से प्रभावितों को बजट से काफी आश थी लेकिन सरकार ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया। यूकेडी डेमोक्रेटिक के युवा नेता रावत कहा कि रोजगार से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में इस बजट में कुछ भी नया नहीं है। हर क्षेत्र के लिए जुमलेबाजी का सहारा लिया गया है। बजट में जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में न तो पिछली गलतियों से सबक सीखा गया है और न ही आने वाले कल को लेकर कोई विजन है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट से जनता को झूठे चुनावी चाल में फंसाने की पूरी तैयारी की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव को नजदीक आते देख अब जनता को झूठे सपने दिखा रही है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को नया मंडल बनाने की जो घोषणा भी की गई है वह सिर्फ एक जुमेलबाजी है उन्होंने कहा कि इससे पहले दो मंडल प्रदेश में थे लेकिन इन दो मंडल होने के बावजूद भी जनता के कितने कार्य पूरे हो पाए। सरकार रोजगार स्वरोज़गार पर अपनी पीठ थपथपा रही है, पर आज भी प्रदेश में 8 लाख से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं ,स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल हैं । पहाड़ की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। पलायन के चलते गाँव के गाँव खाली हो गए हैं, पहाड़ के नौजवान रोजगार के लिए मैदानी क्षेत्रों की खाक छान रहा है,और त्रिवेंद्र सरकार इसके बावजूद अपनी पीठ ठोक रही है। सरकारी अस्पताल में सुविधा देने की बजाय इन अस्पतालों को प्राइवेट एजेंसियों को देने का काम कर रही है।
- सतपुली से वरिष्ठ पत्रकार, पुष्पेंद्र राणा।
