कल खुलेंगे सिद्धपीठ वांण लाटूधाम के कपाट
जनमंच टुडे/गोपेश्वर।
सिद्धपीठ वांण लाटू धाम वांण-देवाल के कपाट इस बार 26 अप्रैल यानि सोमवार को पूर्णमासी को लग्नानुसार छह माह के लिए खोले जाएंगे। कपाट उदघाटन के समय पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि लाटू देवता चमोली जनपद के देवाल ब्लाक में समुद्रतल से साढे़ आठ हजार फीट की ऊंचाई पर विराजमान है। कहा जाता है लाटू देवता अपने दर पर आए सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करते हैं। किदवंती के अनुसार एक बार मां नंदा के दर्शन के लिए कन्नौज के गौड़ ब्राह्मण लाटू कैलाश पर्वत की यात्रा कर रहे थे। वह जब वाण गांव पहुंचे तो उन्हें तेज प्यास लगी तो उन्होंने एक घर में जाकर एक महिला से पीने को पानी मांगा। महिला ने बताया कि उसकी कुटिया में तीन घड़े रखे हैं। इनमें एक घड़े में पानी है, उसमें से पानी पी ले, लेकिन ब्राह्मण ने भूलवश पानी की जगह शराब पी गए। इससे ब्राह्मण बहुत दुखी हो गए और प्रयाश्चित करने के लिए उन्होंने कटार से अपनी जीभ काट दी। इस घटना के बाद मां नंदा देवी ने लाटू ब्राह्मण को सपने में दर्शन दिए।

उन्होंने लाटू ब्राह्मण से कहा कि वाण से आगे नंदा देवी राजजात यात्रा में वे उनका धर्म भाई बनकर यात्रा की अगुवाई करेंगे। तब से लाटू देवता नंदा देवी राजजात यात्रा की अगुवाई करते हैं। माना जाता है कि मंदिर में साक्षात नागराज मणि के साथ निवास करते हैं। श्रद्धालु साक्षात नाग को देखकर डरे न इसलिए मुंह और आंख पर पट्टी बांधी जाती है और लाटू देवता मंदिर में मूर्ति के दर्शन नहीं किए जाते हैं। सिर्फ पुजारी ही मंदिर के भीतर पूजा-अर्चना के लिए मुँह पर पट्टी बांधकर मन्दिर में प्रवेश करता है।
