पहाड़ की जनता को नहीं मिल रहा एम्स का लाभ : डीपीएस रावत
जनमंच टुडे/ देहरादून।
पौड़ी संसदीय क्षेत्र से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी व समाज सेवी इं, डीपीएस रावत ने कहा कि कोरोना के चलते देश और प्रदेश की हालत लगातार खराब होती जा रही है और देश व राज्यों की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटक रही है और सरकारों से गुहार लगा रही है। रावत ने कहा कि कुछ महीने से मानव जीवन पटरी पर लौटने लगी थी, कारोबार पटरी पर लौट रहा था, लेकिन लोगों की लापरवाही एक बार फिर इंसान के जान पर बन आई। चुनाव प्रचार भारी भीड़ उमड़ने लगी, कोई पाबंदी नही, सामाजिक दूरियां खत्म सी हो गई और अचानक फिर पुराने हालात पैदा हो गए। रावत ने कहा कि कोरोना काल से देश की जीडीपी और रोजगार पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। इसका नुकसान आम आदमी को उठाना पड़ रहा है, जिससे कि आम जनता के टेक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है। रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को चीन के कोरोना के ख़िलाफ़ सांसद मे बिल पारित करना चाहिए। गढ़वाल संसदीय क्षेत्र के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी इं डीपीएस रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के कोरोना के ख़िलाफ़ अभी तक मौन क्यों है, यह समझ से परे हैं। रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री आखिर चुप क्यों हैं। जबकि अमेरिका, जापान ऑस्टेलिया ब्राजील जैसे देश कोरोना के खिलाफ एक जुट होकर आवाज उठा रहे हैं और हमारे देश के संसद मे अभी तक सनाटा छा रखा है।रावत ने कहा कि कोरोना के चलते रोजगार पर बहुत बढ़ प्रभाव पड़ा है। उत्तराखंड की आर्थिक रीढ़ समझे जाने वाला पर्यटन पूरी तरह से चौपट हो गया है और इससे जुड़े हज़ारों लोगों की रोजी, रोटी पर बन आई है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पिछले 60 के दशकों से देेेश की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने में कोई पहल नही की जिसका खमियाजा आज जनता को भुगतना पड़ेगा। डीपीएस रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य को बने हुए दो दशक हो चुके हैं, लेकिन आज भी राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल बनी हुई है, और राज्य की जनता स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इधर, उधर भटक रही है। रावत ने कहा कि अगर केंद्र व राज्य सरकारें स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने में ध्यान देती तो आज हालात कुछ और ही होते। इं, डीपीएस रावत ने कहा कि अभी हाल ही में दिल्ली मे एक विधायक ने 900 ऑक्सीजन के सिलैंडर को अपने फार्म हॉउस मे जमा किये थे। ठीक वही बिहार मे एम्बुलेंस की गाड़ियां छुपा कर रखी थी, जिसे येे ऊंचे दामों पर बेेेेेचकर मुनाफ़ा कमा सके। जनता परेशान हैं, लेकिन जनता को इससे कोई सरोकार नहीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहद खराब है। कोरोना काल मे यहां की जनता को छोटे टेस्ट करवाने के लिए मैदानों के अस्पतालों की ओर रूख करना पड़ रहा है। रावत ने कहा कि पौड़ी ने राज्य को पांच मुख्यमंत्री दिए, लेकिन जनपद के दिन नहीं बहुरे, पौड़ी जिला मुख्यालय अस्पताल जैसे अस्पताल में टांके लगाने तक का सामान नही मिलता। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य के अन्य जनपद के छोटे, मोटे अस्पतालों की क्या हालत होगी। पूर्व सांसद प्रत्याशी ने कहा कि एम्स ऋषिकेश सिर्फ नाम के लिए ही पहाड़ के लिए बना है। एम्स में पहाड़ के किसी भी बीमार को जगह तक नही मिलती और उन्हें मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ता है। एम्स में सहारनपुर , मुजफ्फरनगर, बिजनौर नजीबाबाद नगीना, जिलों के लोगों का बोलबाला रहता है। एम्स का पहाड़ के लोगों को कोई फायदा नही मिल पाता। रावत ने कहा कि एम्स का निर्माण पहाड़ में होना चाहिए था, जिससे कि आम पहाड़ी जनता को लाभ मिलता। सरकार स्वास्थ्य के नाम पर हर साल करोड़ो रुपयों का बजट पास करती है, लेकिन नेताओं की मिलीभगत से बजट घोटाले के भेट चढ़ जाता हैं और आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाता।

