पौड़ी के डीएम ने जीता ‘दिल’

जनमंच टुडे/ पौड़ी।

कुछ लोग अपनी, बोली व भाषा  को बोलने से झिझकते हैं। अधिकांश लोग पर्वतीय क्षेत्र से मैदानी जिले में आते ही अपनी संस्कृति, बोली, भाषा को भूल जाते हैं,व दूसरी भाषा , बोली में बात करने में अपनी शान समझते हैं। इसके उल्ट कई लोग ऐसे भी है जिनका गढ़वाली बोली  से दूर,दूर तक  कोई नाता नहीं रहा, लेकिन वह गढ़वाली बोली अपनाने में  दिन रात मेहनत करते हैं।  गुरुवार को वरिष्ठ आईएएस  अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने गढ़वाली में  सन्देश जारी किया और पहाड़ वासियों का दिल जीत लिया, जहां हमारे माननीय गढ़वाली होने के बावजूद  आज तक किसी मंच से उन्होंने गढ़वाली, कुमाऊनी में नहीं बोला, और पहाड़ी भाषा से परहेज़ करते रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्रीयन होने के बावजूद पौड़ी के डीएम डॉ जोगदंडे ने गढ़वाली  बोली में पौड़ी वासियों को सन्देश देकर उनका दिल जीत लिया।

यह संदेश उन पहाड़वासियों के लिये भी एक सन्देश है जो अपनी संस्कृति, बोली, भाषा को भूलते जा रहे हैं। जनपद का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी है और अधिकांश लोग ठेठ पहाड़ी बोलते हैं और समझते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए डीएम ने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी गढ़वाल डा विजय कुमार जोगदण्डे ने वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव व सावधानियां बरतने एवं औषधि की उपयोग हेतु जनपद वासियों/ जनमानस को गढ़वाली भाषा में उन्होंने  गढ़वाली में एक वीडियो जारी कर आशावादी संदेश दिया। ताकि सन्देश को हर व्यक्ति समझ कर मनन कर सके।  जिलाधिकारी जोगदण्डे ने गढ़वाली में संदेश देते हुए सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम और उपचार के लिए जारी दवाईयों का सेवन करने का तरीका बताया । गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग के डीएम रहते हुए मंगेश घिल्डियाल हर व्यक्ति से ठेठ गढ़वाली बोली में ही बातें करते थे, जिससे वह हर जन केे चहेते अफसर बन गए थे।

पौड़ी से पत्रकार जगदम्बा डंगवाल ।

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