जीवन जीने की क्रिया है योग: डॉ चरण सिंह
जनमंच टुडे/ पैठाणी।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राठ महाविद्यालय पैठाणी में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गएI
प्राचार्य डॉ जितेंद्र कुमार नेगी के निर्देश पर छात्र- छात्राओं, प्राध्यापकों व कर्मचारियों ने वर्चुअल के माध्यम से चंदन सिंह तड़ियाल के नेतृत्व में योग किया। इस मौके पर उन्होंने

रोग/बीमारियों को दूर करने की विधि बताई।
दूसरा कार्यक्रम 11 बजे से हुआ जिसमें योग के वास्तविकता को समझाया गया। इस बेबीनार अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जितेन्द्र कुमार नेगी ने की। मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय संस्था महर्षि अरविंद सोसाइटी के प्रमुख सदस्य जोशीमठ डिग्री कॉलेज के युवा प्रोफेसर, लेखक व विचारक डॉ चरण सिंह केदारखंडी थे I

योग के विस्तृत अर्थ को समझाते हुए, डॉ चरण सिंह ने कहा कि योग महज शारीरिक प्रक्रिया न हो कर जीवन जीने की क्रिया है, अपने विस्तृत ज्ञान कोष से रुबरु करते हुए उन्होंने गीता में उल्लेखनीय कई प्रसंग को भी रेखांकित किया । उन्होंने कहा योग का आशय सम्पूर्णता से है, निर्विकार निर्विवाद व चरित्रवान जीवन से है , जब तक मन की सफाई नहीं होती तब तक योग का कोई अर्थ नहीं है I
इस दौरान उन्होंने जिज्ञासाओं की शंकाओं का भी समाधान किया I प्राचार्य जितेंद्र कुमार नेगी ने आयोजन की सफलता के लिए मुख्य वक्ता डॉ चरण सिंह के साथ ही उपस्थित सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद व आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के प्राध्यापक डॉ शिवेंद्र सिंह, डॉ राजीव दुबे, डॉ अरविंद कुमार, डॉ श्याम मोहन सिंह, डॉ अखिलेश कुमार सिंह व डॉ देवकृष्ण उपस्थित रहे I
- डॉ देवकृष्ण थपलियाल, पैठाणी।

कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के प्राध्यापक डॉ शिवेंद्र सिंह, डॉ राजीव दुबे, डॉ अरविंद कुमार, डॉ श्याम मोहन सिंह, डॉ अखिलेश कुमार सिंह व डॉ देवकृष्ण उपस्थित रहे I