राज्य को ओबीसी क्षेत्र घोषित करे सरकार : उपाध्याय
जनमंच टुडे/ देहरादून।
खटीमा के राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि के अवसर पर कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार राज्य को ओबीसी घोषित करने, वनों पर उनके पुश्तैनी हक-हकूक को बहाल करने की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेसी किशोर उपाध्याय ने कहा कि मंडल कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में किसी भी क्षेत्र को पिछड़ा घोषित करने के लिए तीन मानदंडों (सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति) को आधार माना था। आज भले ही कुछ मानदंडों के हिसाब से स्थिति बदल गई हो लेकिन जिस वक्त मंडल कमीशन ने सर्वे कर अपनी रिपोर्ट दी थी। उस उक्त भी उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा उपरोक्त वर्णित तीनों मानदंडों में पूरी तरह से, पिछड़ा क्षेत्र के रूप में शामिल करने के लिए उपयुक्र्त था। उन्होंने ने कहा कि मालूम नहीं किन कारणों से मंडल कमीशन ने उत्तराखंड को नजरअंदाज कर दिया था। मंडल कमीशन की रिपोर्ट में आर्थिक आधार में, प्रमुखत: चार मानदंड दिए गए हैं – यथा 25 प्रतिशत लोगों की पारिवारिक सम्पति की कीमत राज्य के औसत से कम हो। दूसरे जहाँ 50 प्रतिशत लोगों को पीने के पानी के लिए आधा किलोमीटर से अधिक दूर जाना पड़ता हो। तीसरा मानदंड है कि 25 प्रतिशत से अधिक लोगों ने, राज्य औसत से अधिक का ऋण घरेलू उपयोग के लिए लिया हो। चौथे 25 प्रतिशत से अधिक लोग कच्चे घरों में रह रहे हों। खटीमा के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उत्तराखंडी अपने ओबीसी में शामिल होने के अधिकारों के प्रति संकल्पबद्ध हों और उसे हासिल करें।
